इटावा। इटावा टूंडला रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ मवेशियों के टकराने से होने वाले हादसे रोकने के लिए सीमेंटेड दीवार बनवाई जा रही है। रेलवे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने की तैयारी में है।
रेलवे बोर्ड ने मिशन रफ्तार के तहत प्रस्तावित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत वर्ष 2024 तक इटावा से टूंडला तक ट्रैक के दोनों ओर सीमेंट की दीवार बनाई जाएगी। लगभग 40 किलोमीटर दीवार बन चुकी है। मालगोदाम परिसर में सीमेेंटेड पैनल व पिलर बनाने का कार्य चल रहा है। रोजाना करीब 50 पैनल व पिलर बनाए जा रहे हैं। इटावा में महेरा रेलवे फाटक से लेकर साम्हो तक लगभग 40 किलोमीटर दीवार बनाई जा चुकी है।
कानपुर से टूंडला तक करीब 300 किलोमीटर की दीवार बनाने का ठेका कानपुर की एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी का एक प्लांट कानपुर मेें व दूसरा इटावा में लगाया गया है। कारीगरों के अलावा कई मशीनें भी स्लीपर व पिलर बना रहीं हैं। ढाई-ढाई मीटर की दूरी पर पिलर लगाकर उसमें आरसीसी के पांच पैनल फंसाए जाएंगे।
कंपनी के सुपरवाइजर रविंद्र कुमार के अनुसार सीमेंटेड दीवार की ऊंचाई आठ फीट होगी। इटावा से टूंडला तक की दीवार उनकी कंपनी बनवा रही है। सराय भूपत से कठफोरी तक काम चल रहा है। डेढ़ साल में इटावा से टूंडला तक काम पूरा हो जाएगा।