राम की आरती उतारते समाजसेवी विवेक यादव
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कस्बे में नवयुवक रामलीला समिति के तत्वावधान में श्रीरामलीला महोत्सव के समापन पर बुधवार रात लक्ष्मण शक्ति व सती सुलोचना लीला का मंचन किया गया। इसमें रावण ने भरे दरबार में माता जानकी को वापस करने से इंकार कर प्रभु रामचंद्र की खिल्ली उड़ाई। जिसके फलस्वरूप राम की सेना ने लंका पर चढ़ाई कर दी। घमासान युद्ध के दौरान मेघनाद ने लक्ष्मण पर प्रहार किया। जिससे लक्ष्मण घायल होकर मूर्छित हो गए।
संजीवनी बूटी के लिए हनुमान जी पूरा पर्वत ही उठा लाए। लक्ष्मण के होश में आने ले बाद रावण से महासंग्राम हुआ और श्रीराम से युद्ध करते करते रावण मारा गया। विभीषण को लंका का राजा बनाने के बाद प्रभु राम माता जानकी सहित अयोध्या वापस आए। पूरी नगरी दुल्हन की भांति सजी हुई थी। घर-घर उत्सव मनाया जा रहा था। समूचा क्षेत्र श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान था।
इस दौरान मुख्य अतिथि युवा समाजसेवी विवेक यादव सन्नी ने कहा कि भगवान रामचंद्र की लीला से प्रेरणा लेकर हमें समाज में व्याप्त बुराईयों को निष्कासित करना चाहिए। कमेटी के पदाधिकारी ऋषि शुक्ला ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। माल्यार्पण करने वालों में वीरेंद्र पाल, रमन पाठक, ध्यान सिंह प्रजापति, निशांत तिवारी, शिवकुमार बाजपेयी, गुरू दीक्षित, योगेश शर्मा, योगेंद्र चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी, विनोद दोहरे, भगवान दास शर्मा, मंजू शंखवार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि राकेश मधुकर ने किया।