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31 जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर सकते है सीबीएसई स्कूल

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फीस जमा न होने के कारण अब सीबीएसई स्कूलों के सामने गंभीर संकट है। कोरोना महामारी के चलते मार्च से ही स्कूल बंद हैं।
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अभिभावकों ने इसके बाद से फीस भी जमा नहीं की। अभी तक तो समय कट गया। अब स्कूलों का संचालन कर पाना मुश्किल होता जा रहा है।
सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि अगर अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की तो 31 जुलाई के बाद ऑनलाइन कक्षाएं भी बंद करनी पड़ सकती हैं। एसोसिएशन ने अपनी मूल समस्याओं के समाधान के लिए डीएम को पत्र भी लिखा है।
एसोसिएशन का कहना है किे कोविड- 19 में शुल्क वृद्धि न करके फीस किस्तों में लेकर, ट्रांसपोर्ट फीस न लेकर समय से ऑनलाइन कक्षाएं चलाकर शासन के सभी नियम व शर्तों को स्वीकार किया है।
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अपर मुख्य सचिव के शासनादेश के जारी होने के बाद भी अभी तक विद्यालयों में पांच से 10 प्रतिशत फीस ही जमा हो सकी है। जो कि चिंता का विषय है। सभी स्कूलों ने लॉकडाउन में अपने शिक्षकों द्वारा 50 से 100 प्रतिशत तक वेतन दिया जा रहा है।
अभी 15 जुलाई तक मात्र पांच से 10 प्रतिशत फीस ही जमा हो पाई है । ऐसे में शिक्षकों के वेतन भुगतान संभव नहीं हो पा रहे है। एसोसिएशन ने सभी विद्यालयों को सूचित कर दिया गया है कि अक्षम अभिभावकों से फीस लेने में अतिरिक्त समय व सुविधा प्रदान की जाए ।
एसोसिएशन ने कहा है कि, फीस जमा न होने की स्थिति में स्कूलों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। यदि फीस जमा नहीं हुई तो मजबूरन 31 जुलाई से उन सभी छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं बंद करनी होंगी, जिनके अभिभावक फीस जमा नहीं करेंगे। इसके बाद निश्चित रूप से बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होगी, जिसकी जिम्मेदारी अभिभावकों की होगी।
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पत्र भेजने वालों में संत विवेकानंद सीनियर सेकेंड्री स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेंट मेरी इंटर कालेज, नारायण कालेज आफ साइंस एंड आर्ट, सेविन हिल्स सहित जिले के सभी सीबीएसई विद्यालय शामिल हैं।
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