जिला अस्पताल में रोते बिलखते बंदी रक्षक के परिजन
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जिला जेल में तैनात एक बंदी रक्षक की गुरुवार की सुबह अचानक तबियत खराब हो गई। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर उसके परिजन भी आ गए। परिजनों ने जेलर पर इलाज के लिए छुट्टी न देने का आरोप लगाया है।
कन्नौज जिले के गांव जुनैदपुर निवासी पंकज शुक्ला पुत्र स्व. राम सनेही जेल में बंदी रक्षक के पद पर तैनात था। उसका छह महीने पहले माती कानपुर देहात से इटावा तबादला हुआ था, तभी से वह इटावा में तैनात था। गुरुवार की सुबह वह अपनी बैरक में लेटा था, तभी अचानक सीने में दर्द उठा।
इस पर उसका साथी सुधीर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर उसके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के भाई विनोद शुक्ला व साले ओम जी दुबे का आरोप है कि पंकज की तबियत खराब रहती थी। कानपुर में उसका इलाज चल रहा था।
दवा लेने के लिए जेलर से छुट्टी मांगी थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली। इससे उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। उधर, जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि पंकज 5 से 8 अप्रैल तक छुट्टी पर था। इसके बाद 9 से 11 अप्रैल तक मेडिकल अवकाश पर रहा।
11 अप्रैल की शाम को उसने अपना मेडिकल सर्टिफिकेट देकर ड्यूटी ज्वाइन की थी। छुट्टी न देने का आरोप निराधार है। साथ ही यह भी कहा कि अगर जेलर ने छुट्टी नहीं दी तो उसे उनसे संपर्क करना चाहिए था। उन्हाेंने बताया कि पंकज हाईब्लड प्रेशर का मरीज था।