भीषण गर्मी से समूचा जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। पारा 40 डिग्री से नीचे आने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह होते ही चिलचिलाती धूप से ऐसा लगता है, जैसे आसमान से आग बरस रही हो। ऐसे में दोपहर में घर से निकलते हुए लोगों के चेहरे तेज तपिश से लाल हो रहे हैं। मौसम की इस मार से सिर्फ इंसान ही व्याकुल नहीं है बल्कि पशु पक्षी भी सड़क छोडकर इधर उधर छाया तलाशकर दोपहर गुजारते नजर आ रहे हैं।
सोमवार को भी जिले का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पर अटका रहा। लोग दिन में घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके और दोपहर का समय सड़क पर निकलने की जगह घर या अपने कामकाज के स्थल पर ही गुजारा। वहीं भीषण गर्मी के बीच स्कूली बच्चों को कोई राहत नहीं मिली और वह सोमवार को भी तेज धूप में घर वापसी करते दिखाई दिए। दोपहर के समय बाजार में सन्नाटा छाया रहा और दुकानदार भी ग्राहक न होने के कारण कूलर की हवा में झपकी लेते दिखाई दिए।
सुबह से ही चहरे को जला देने वाली तपिस से सभी बेहाल दिखाई दिए। दोपहर में जिसे मजबूरन घर से बाहर निकलना भी पड़ा तो वह तपिश से बचने की पूरी तैयारी कर हीमहिलाओं ने हाथाें में ग्लब्स व चेहरे पर नकाब लगाकर घर से बाहर निकलना बेहतर समझा तो वहीं पुरूष सिर पर अंगोछा बांध कर खुद को धूप से बचाते दिखाई दिए। गर्मी के चलते शहर का बाजार भी प्रभावित दिखाई दिया और दोपहर के समय शहर की सडकों पर सन्नाटा छाया रहा।
पिछले कई वर्षों से कचहरी स्थित एनआईसी में प्रतिदिन जनपद का तापमान मापने का कार्य देख रहे महेश तिवारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा कि अप्रैल माह के बीच में ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया हो।