प्रदेश सरकार अपने ड्रीम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसी के तहत प्रदेश सरकार की ओर से ग्वालियर हाइवे को यमुना पुल से लेकर एसएसपी चौराहा तक फोरलेन बनाने का निर्णय लिया।
इसके बाद राजकीय निर्माण खंड ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। 67 करोड़ रुपये की लागत से हाइवे का दस किलोमीटर लंबा हिस्सा फोरलेन में तब्दील होगा। अगले वर्ष जून महीने तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जिले में बनी लॉयन सफारी इटावा-ग्वालियर हाइवे पर है। ऐसे में टूरिस्टों को लुभाने के लिए प्रदेश सरकार ने ग्वालियर हाइवे को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी है। हाइवे इटावा से ग्वालियर तक फोरलेन में तब्दील नहीं होगा बल्कि शहर के एसएसपी चौराहा से लेकर यमुना पुल तक कुल 10 किलोमीटर हिस्सा ही फोरलेन बनेगा।
67 करोड़ रुपये की लागत से हाइवे को फोरलेन बनाया जाएगा। इसका कार्य शुरू हो गया है। मौजूदा समय में हाइवे किनारे खुदाई कार्य चल रहा है। हाइवे किनारे बनी मिट्टी की करारों को जेसीबी की मदद से खोदा जा रहा है।
इसके साथ ही सड़क के चौड़ीकरण का कार्य भी शुरू हो गया है। राष्ट्रीय निर्माण निगम के अफसरों की मानें तो यमुना पुल तक हाइवे को फोरलेन बनाने का काम वह जून 2016 तक पूरा कर लेंगे।
उदी से इटावा तक जर्जर है हाइवे
करीब 110 किलोमीटर लंबा ग्वालियर हाइवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में आता है। इटावा में ग्वालियर हाइवे चंबल पुल तक आता है जबकि चंबल पुल से लेकर ग्वालियर तक का हिस्सा मध्य प्रदेश में है।
उत्तर प्रदेश में आने वाला हाइवे का हिस्सा काफी जर्जर है। चंबल पुल से लेकर इटावा तक जगह-जगह हाइवे उखड़ा हुआ है। इस कारण से यहां आवागमन में भारी परेशानी होती है। सरकार ने सिर्फ इटावा से यमुना पुल तक ही हाइवे को फोरलेन बनाने को मंजूरी दी है।