इटावा। सोना खरीदकर लॉकर में रखने से वह पैसा अर्थव्यवस्था से बाहर हो जाता है। यह बात मंगलवार को कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में सराफा व्यापारियों के साथ बैठक करते हुए जीएसटी अपर आयुक्त ने बताई।
अपर आयुक्त ने बुलियन की खरीद-बिक्री को हतोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे आभूषणों के निर्माण या बिक्री पर असर नहीं पड़ेगा। पुराने आभूषणों को गलाकर नए बनाने से व्यापार और रोजगार प्रभावित नहीं होंगे। इससे बाजार में आर्थिक गतिशीलता बनी रहेगी। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है। प्रतिवर्ष बड़ी विदेशी मुद्रा सोने के आयात पर खर्च होती है। अंतरराष्ट्रीय युद्ध और अस्थिरता से डॉलर की मांग बढ़ी है। इससे आयात लागत और सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
जिलाधिकारी ने बुलियन की अनावश्यक खरीद-बिक्री सीमित कर विदेशी मुद्रा बचाने का आह्वान किया। एसएसपी ने व्यापारियों को सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में अपर आयुक्त ग्रेड-2 एसएम सिंह, संयुक्त आयुक्त बीपी सिंह, संतोष कुमार वर्मा, अधिवक्ता विवेक स्वरूप अग्रवाल, एचएन सिंह और सराफा एसोसिएशन से श्याम सिंह वर्मा, रणवीर सिंह वर्मा, ओमकार प्रसाद मथुरिया, हरीश जौहरी, पारस जैन सहित अन्य व्यापारी उपस्थित थे।