फोटो 01: बस स्टैंड के बाहर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
इटावा। जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लगातार दावे कर रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। रोडवेज बस स्टैंड से लेकर शास्त्री चौराहे तक आए दिन भीषण जाम लगता है। इसका सबसे बड़ा कारण रोडवेज बसों का स्टैंड के बाहर बेतरतीब खड़ा होना है। चालक और परिचालक बसों को स्टैंड के अंदर ले जाने के बजाय मुख्य सड़क पर ही रोककर सवारियां उतारने और बैठाने लगते हैं, जिससे चंद मिनटों में ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर बसों को खड़ा करने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर पूरे दिन यहां बसें खड़ी हो रही हैं। इस अव्यवस्था के कारण न सिर्फ राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं, बल्कि सड़क किनारे स्थित दुकानों और होटलों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोडवेज कर्मियों की इस मनमानी पर कोई लगाम नहीं कस पा रही है।
प्लेटफॉर्म रहते खाली, बाहर खड़ी होती हैं बसें
यात्रियों की सुविधा और बसों के व्यवस्थित ठहराव के लिए बस स्टैंड के अंदर जिला और राज्य स्तर के अलग-अलग प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। नियम के मुताबिक बसों को इन्हीं प्लेटफॉर्म पर आकर रुकना चाहिए। लेकिन अधिकांश चालक बसों को अंदर ले जाने की जहमत ही नहीं उठाते। वे स्टैंड के ठीक मुख्य द्वार के सामने या सड़क के बीचो-बीच गाड़ी खड़ी कर सवारियां भरने लगते हैं। इससे अक्सर जाम लग जाता है।
वर्जन-
बस चालकों और परिचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे यात्रियों को बस स्टैंड के अंदर बने प्लेटफॉर्म पर ही उतारें और वहीं से बैठाएं। इस व्यवस्था को देखने के लिए स्टैंड पर कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। अगर कोई चालक सड़क पर बस खड़ी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार, एआरएम, इटावा डिपो।
फोटो 01: बस स्टैंड के बाहर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद