इटावा। वैशाली कॉलोनी के पास सोमवार तड़के आग की चपेट में आई स्लीपर बस के यातायात नियमों के उल्लंघन का रिकॉर्ड भी सामने आया है। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार दिल्ली से हमीरपुर के राठ के बीच संचालित इस बस के खिलाफ अलग-अलग मामलों में 20 चालान किए जा चुके हैं। इन चालानों पर करीब 1.37 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित है। इसके बावजूद बस के खिलाफ परिवहन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कानपुर में पंजीकरण बस के खिलाफ मार्च से अगस्त के बीच अलग-अलग यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान किए गए। इनमें निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन समेत अन्य नियमों से जुड़े मामले शामिल हैं। लगातार चालान होने के बावजूद बस सड़क पर नियमित रूप से यात्रियों को लेकर दौड़ती रही। सोमवार को वैशाली कॉलोनी के पास इसी बस में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजे से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। यात्रियों का कहना है कि बस में बड़ी संख्या में लोग सफर कर रहे थे। ऐसे में यदि आग लगने के बाद यात्री समय रहते बाहर नहीं निकल पाते तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। बस के लगातार चालान होने के बावजूद उसके संचालन पर रोक क्यों नहीं लगी और परिवहन विभाग ने लंबित चालानों की वसूली के साथ वाहन के फिटनेस व परमिट समेत अन्य दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एआरटीओ प्रदीप कुमार ने बताया बस के दस्तावेज और पूर्व में हुए चालानों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।