यूपीडा के एई महावीर सिंह ने बताया कि जहां पर भी सड़क धंस रही है, वहां ट्रैफिक रोककर मरम्मत कराई जा रही है। बांदा में मिट्टी दोनों लेन पर धंसी है। यहां एक्सप्रेस-वे को ज्यादा नुकसान हुआ है। कटान इस तरह का है कि सड़क के नीचे की मिट्टी खाली हो गई है जबकि ऊपर से कंक्रीट और डामर की लेप दिख रही है। इससे हादसे की आशंका बनी हुई। यहां चहितारा, मवई, जारी अथौड़ा, बरगहनी, कनवारा में बने अंडरब्रिज पर दरारें आ गई हैं। इनकी मरम्मत की जा रही है।
कटान रोकने के लिए नहीं लगाया जियो सेल
इटावा में बुंदेखंड एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी की कटान रोकने के लिए जियो सेल (काले रंग की चार इंच की पट्टी) लगाई जानी है। यह किलोमीटर संख्या 280 से 296 तक कई जगह नहीं लग सकी है। इस सेल में मिट्टी भरने के बाद घास लगाई जाती है, जिससे कटान रोका जा सके। यही स्थिति बांदा की है। यहां भी मवई से हथौड़ा तक जियो सेल नहीं लगाया गया है।
गुरुवार को जालौन में धंसा था एक्सप्रेस-वे
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे गुरुवार को जालौन के छिरिया सलेमपुर के पास धंस गया था। यहां किलोमीटर संख्या 195 के पास दो फीट चौड़ा, छह फीट लंबा और एक फीट गहरा गड्ढ़ा हो गया था।
पीएम मोदी ने 16 को किया था लोकार्पण
चित्रकूट के भरतकूप से इटावा के कुदरैल तक बने 296 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को जालौन के कैथेरी गांव में किया था। इसके लोकार्पण को अभी छह दिन ही बीते हैं।