दो लाख के व्यापार पर पेन कार्ड की अनिवार्यता से आक्रोशित सर्राफा कारोबारियों ने बुधवार को अपने प्रतिष्ठान बंदकर केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध किया। इससे सर्राफा बाजार के अलावा जिले भर के सभी सर्राफा व्यापारियों की दुकानों पर ताला लटका रहा।
इस दौरान व्यापार मंडल ने बैठक कर पेन कार्ड की अनिवार्यता की आलोचना की। बुधवार को सुबह से ही होमगंज, सदर बाजार, बजाजा लाइन, सिंधी मार्केट, सब्जी मंड, राजागंज सहित शहर के अन्य मार्के ट में स्थित सर्राफा व्यापारियों की दुकानें पूरी तरह बंद रही।
व्यापारियों ने पेन कार्ड की अनिवार्यता को जनहित विरोधी करार दिया। होमगंज नीम वाले चौक में हुई सभा में इटावा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार सर्राफा व्यवसायियों की ज्वैलरी बिक्री पर पेन कार्ड लागू कर अपनी जन विरोधी नीति थोपकर सर्राफा व्यवसाय को चौपट करना चाहती है।
इसका हर स्तर पर विरोध कर केंद्र सरकार को बाध्य किया जाएगा कि वह अपना निर्णय वापस ले और लोकसभा के आगामी सत्र में आने वाले बिल को पेश न क रे। इसके लिए सर्राफा व्यवसायियों को एकजुट रहना होगा।
वहीं, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की बैठक रामगंज स्थित जिला उपाध्यक्ष अजमत अली के प्रतिष्ठान पर जिलाध्यक्ष जागेश्वर प्रसाद अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सर्वेश चौहान, समाजवादी व्यापार सभा के जिला अध्यक्ष मनीष जैन ने दो लाख रुपये की खरीद बिक्री पर पेन कार्ड की अनिवार्यता को अनुचित बताया।
इस दौरान रंजीत सिंह कुशवाहा, सुरेशचंद्र यादव, गणेश प्रसाद अग्रवाल, अजमत अली, शिवशरण गुप्ता, डॉ. संतोष राठौर, नरेंद्र सिंह कुशवाहा, अतुलवीर जैन, आनंद अग्रवाल सर्राफ, तरुण जैन, कमलेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, आज की बंदी में ओमकार नाथ मथूरिया, मनोज कुमार, प्रमोद कुमार वर्मा, ईश्वरदयाल वर्मा, संतोष कुमार सोनी, नवीन कुमार अग्रवाल, तरुण जैन, अशोक कुमार गुप्ता, राजकुमार, सुनील चेन वाले, राजकुमार शाक्य, सत्यप्रकाश, मनीष सिंह, मुन्ना बाबू, विष्णु स्वरूप, जसवंत सिंह वर्मा, आकाशदीप जैन, स्वराज सिंह वर्मा, विजय कटियार, मोहित सिंह, कृष्णा बल्देव वर्मा, कपिल कुमार वर्मा, प्रताप सिंह वर्मा, शंकर लाल पदम, अजीत कुमार पप्पू, संजीव चंदेल, राजू टंच वाले, पन्नालाल वर्मा, हरीश कुमार वर्मा, प्रेमनाथ, आदेश कुमार गुप्ता, सुनील कुमार अग्रवाल, राजकुमार राजू, महेंद्र सिंह आदि सर्राफा व्यापारी शामिल रहे।