एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सराफा कारोबारियों ने मंगलवार को बसरेहर कस्बे में कैंडल मार्च निकाला। केंद्र सरकार को जमकर कोसा। वहीं, इटावा शहर में सराफा व्यवसाइयों का क्रमिक अनशन जारी है। बसरेहर कस्बा में सर्राफा व्यवसायियों ने कैंडल मार्च निकालकर केंद्र सरकार व वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व बैठक कर सर्राफा व्यवसाइयों ने भाजपा सांसदों द्वारा व्यापारियों के खिलाफ की जा रही अनर्गल बयानबाजी की निंदा की और कहा कि समय आने पर उन्हें यह भारी पड़ेगी।
बैठक में सर्राफा व्यवसाइयों ने विपक्षी सांसदों की भी सर्राफा व्यवसाइयों की पीड़ा को चुपचाप बर्दास्त करने की आलोचना की। उनका कहना भी रहा कि जो सांसद संसद के बाहर व भीतर व्यापारियों की समस्या के लिए आवाज नहीं उठा रहे हे। कस्बा के सर्राफा व्यवसाई उन संासदों को चूड़ी भेजेंगे। इसके उपरांत सभी सर्राफा व्यवसाइयों ने कैंडल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस विरोध प्रदर्शन में सर्राफा एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राधाकृष्ण पप्पू सर्राफ ने कहा कि जब तक सरकार एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं लेती तब तक लड़ाई जारी रहेगी। विरोध प्रदर्शन में राहुल सोनी, ओमशंकर सर्राफ, अखिलेश सोनी, रवीकांत मिश्रा आदि मौजूद रहे। संचालन रामकुमार सविता सर्राफ ने किया। इटावा शहर में सराफा व्यवसाइयों का क्रमिक अनशन जारी है। पिछले 35 दिनों से सराफा व्यवसायी हड़ताल पर हैं।
हड़ताल के चलते बेरोजगार हुए कारीगर, डाई वाले, छिलाई वाले, उजाल वाले, पालिश वाले, टंच वाले करीब 8000 कारीगर प्रभावित हैं। तहसील चौराहे पर चल रहे क्रमिक अनशन में एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह वर्मा, महामंत्री ओमकार प्रसाद मथुरिया, उपाध्यक्ष संतोष कुमार सोनी, अमित सोनी, योगेश वर्मा उर्फ बंटी, मनोज वर्मा, ज्ञान सिंह, राजेश वर्मा, विवेक कुमार सोनी, राजू टंच वाले, मनोज कुमार, अजय कुमार, राजकुमार वर्मा, अजीत, उमेश वर्मा, हरीश, सुशील, हरीकृष्ण सोनी आदि उपस्थित रहें।