इटावा। शहर कोतवाली क्षेत्र के मकसूदपुरा मोहल्ले में संदिग्ध हालात में सराफा कारोबारी की मौत हो गई। बेटे ने जिला अस्पताल में पिता के जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी थी। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए और पोस्टमार्टम कराए शव घर ले आए। गुरुवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मकसूदपुरा मामा मिल के पास रहने वाले संजीव कुमार वर्मा (52) सराफा कारोबारी थे। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनका बेटा शशांक वर्मा उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टर को शशांक ने बताया कि उनके पिता दुकान से घर आने के बाद जहर खा लिया था। जिला अस्पताल में उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर कर दिया।
परिजन उन्हें लेकर सैफई पहुंचे, जहां डॉक्टर ने संजीव कुमार को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को बिना पुलिस कार्रवाई के घर ले आए। गुरुवार सुबह अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर ओमकांत ने बताया कि बेटे शशांक ने पिता की जहर खाने के बाद हालत बिगड़ने की जानकारी दी थी। संजीव कुमार की गल्ला मंडी में सराफा की दुकान थी। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। चर्चा है कि व्यापार में नुकसान होने की वजह से परेशान चल रहे थे। घटना के बाद पत्नी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी नहीं मिली है।