ईंट भट्ठों के लिए जरूरी पर्यावरणीय क्लीयरेंस की बाध्यता के विरोध में जनपद ईंट निर्माता समिति ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को जनपद ईंट निर्माता समिति की बैठक में एक सुर में इसके विरोध की रणनीति बनाई गई। तय किया गया की भट्टा स्वामी सर्वे कार्य का बहिष्कार करेंगे और किसी भी प्रकार का कोई भी सरकारी कर जमा नहीं करेंगे।
इस संबंध में ईंट निर्माता समिति ने अपर जिलाधिकारी, एडिशनल कमीशनर व्यापार कर, क्षेत्रीय अधिकारी उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फिरोजाबाद, अधिशासी अधिकारी जिला पंचायत को अलग-अलग ज्ञापन भी भेजा। समिति के अध्यक्ष कुमुदेश चंद्र यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि ईट भट्ट मालिकों पर पर्यावरणीय क्लीयरेंस की बाध्यता का जटिल और अव्यवहारिक कानून थोपा गया है।
जिसकों बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में ऑल इंडिया ब्रिक एंड टाइल मैन्यूफैक्चर्स फेडरेशन के आह्वान पर यूपी ईट निर्माता समिति लखनऊ के नेतृत्व में एक अक्टूबर से शुरू हुए भट्टा सीजन से भट्टा कारोबार को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अप्रत्यक्ष रूप से निर्बल, भूमिहीन वर्ग के लगभग पचास लाख श्रमिकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न होगा।
वहीं दूसरी और इस उद्योग से जुड़े लगभग 40 हजार उद्यमी सीधे प्रभावित होंगे। अगर पर्यावरणीय क्लीयरेंस में अव्यवहारिक शर्तों को नहीं हटाया गया तो वह सर्वे कार्य का बहिष्कार के साथ जिला पंचायत निकाय अनुज्ञा शुल्क व कर के साथ रायल्टी इत्यादि भी जमा नहीं करेंगे।