इटावा। जिला अस्पताल में बंद कमरे में रखे 18 वेंटीलेटर भाजपा विधायक के प्रयास के बाद भी चालू नहीं हो पाए हैं। निजी अस्पताल ने दो तकनीशियन देने की बात कही थी लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन की ढिलाई से तकनीशियन नहीं आ सके।
जिला अस्पताल में 100 बेड का कोविड अस्पताल बना है। दूसरी लहर में यहां ज्यादातर मरीज गंभीर हालत में लाए जा रहे हैं। उन्हें वेंटीलेटर की जरूरत होती है। वेंटीलेटर और ऑक्सीजन की कमी से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। जिला अस्पताल में 18 वेंटीलेटर होने के बावजूद गंभीर मरीजों को सैफई या दूसरे अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों में ही नौ अप्रैल से 115 कोविड मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद वेंटीलेटर नहीं लगाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने तकनीशियन न होने की बात कही थी। इस पर सदर विधायक की पहल पर एक निजी अस्पताल अपने दो तकनीशियन भेजने को तैयार हो गया था। एक टीम की जांच में सभी वेंटीलेटर ठीक भी पाए गए थे। अस्पताल प्रशासन की सुस्ती के चलते निजी अस्पताल के तकनीशियन भी नहीं मिले। इससे वेंटीलेटर अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने फोन पर मुख्यमंत्री से बातचीत में वेंटीलेटर चालू न होने की शिकायत भी की थी।
वर्जन
वेंटीलेटरों को शिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही आपरेटरों की भी तैनाती कर दी जाएगी। जल्द ही वेंटीलेटर चालू करा दिए जाएंगे।
डॉ. अशोक कुमार जाटव, सीएमएस महिला अस्पताल