फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र में ब्राह्मणी मंदिर बना आस्था का केंद्र

Sun, 10 Apr 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
विज्ञापन
बीहड़ी क्षेत्र में ब्राह्मणी देवी की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नवरात्र पर सुदूरवर्ती बीहड़ी क्षेत्र में स्थित ब्राह्मणी मंदिर पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही हैं। बड़ी संख्या में भक्त मातारानी के दर्शन को आ रहे हैं। मंदिर प्रांगण में नौ दिन मेला लगता है। मान्यता है कि मंदिर में पताका फहराने से मुराद पूरी होती है। इस कारण बड़ी संख्या में भक्त पताका लगाते है।
विज्ञापन


ऐसी मान्यता है कि यमुना नदी के पार्श्व में जसवंतनगर के बीहड़ों के बीच स्थित यह मंदिर आदिकालीन शक्ति पूजा का स्मरण कराता है। मंदिर की स्थापना के संबंध में विभिन्न मत हैं। आम तौर पर ग्रामीण इस बात को स्वीकारते हैं कि मंदिर की स्थापना लगभग 500 वर्ष पूर्व हुई थी। आज भी भदावर क्षेत्र में आने वाले लोग ब्राह्मणी देवी के प्रति अटूट आस्था रखते है।

नवरात्र के दिनों में मां के दर्शन करने सबसे ज्यादा भक्त भदावर क्षेत्र से ही आते हैं।  भदावर राजघराने के लोग भी अपनी आराध्य देवी के दर्शन के लिए वर्ष में कई बार यहां आते रहते है। दोनों नवरात्र के दिनों में यहां पर बड़ा मेला लगता है।  चैत्र नवरात्रि में यहां अधिक भीड़ होती है।
विज्ञापन


आसपास के कई जनपदों फिरोजाबाद, आगरा, भिण्ड, ग्वालियर, मैनपुरी, औरैया से लेकर दिल्ली, मध्यप्रदेश व राजस्थान तक के लोग नवरात्र में यहां आकर पूजा अर्चना करते है और मइया से मनौती मांगते हैं।  यहां पर प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में पताका भी लगती हैं।

पुजारी भुवनेश कुमार मिश्रा उर्फ भोले महाराज का कहना है कि भक्त यहां अलग-अलग तरीकों से मां की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। कोई लेट लेटकर पूजा करता है तो कोई अपने घर से कई कई किलोमीटर पैदल चलकर देवी मंा को प्रसन्न करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें