बसरहेर प्रथम जिला पंचायत के ग्राम गोरादयालपु में बूथ कैप्चरिंग के आरोप में गिरफ्तार भाजपा नेता मनीष यादव पतरे को पुलिस ने बुधवार को डाक्टरी जांच के बाद सीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने जमानत अपील खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस दौरान उनके कई समर्थक गलत फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए न्यायालय गेट के बाहर नारेबाजी करते रहे। मंगलवार को पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान बसरेहर क्षेत्र के गोरादयालपुर मतदान केंद्र के बूथ संख्या 53 एवं 54 पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप में भाजपा नेता मनीष यादव पतरे को गिरफ्तार किया गया था।
मंगलवार शाम को ही भाजपाइयों ने एसएसपी आवास का घेराव भी किया था। बुधवार को सुबह से ही पतरे के भाई ब्रजवीर सिंह उर्फ लाला (जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी) समर्थकों के साथ न्यायालय के गेट पर पहुंच गए। दोपहर 12 बजे भाजपा नेता को पुलिस चिकित्सीय परीक्षण के लिए लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंची।
यह जानकारी होते हुए बड़ी संख्या में समर्थक अस्पताल पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। हालात संभालने के लिए अस्पताल में पीएसी और भारी पुलिस बल बुला लिया गया। परीक्षण के बाद उन्हें पुलिस की गाड़ी से कोर्ट ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक कोर्ट के मुख्य गेट के बाहर डटे रहे। सुनवाई के बाद पतरे की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
सरकार के इशारे पर रचा षडयंत्र
मतदान के दौरान बसरेहर प्रथम से भाजपा समर्थित प्रत्याशी एवं भाजपा नेता मनीष यादव पतरे के भाई ब्रजवीर सिंह उर्फ लाला को भी पुलिस ने बरालोकपुर के निकट से हिरासत में लिया था, लेकिन भाजपा के प्रदर्शन के दबाव में पुलिस ने उन्हें देर रात रिहा कर दिया था।
ब्रजवीर ने जिला प्रशासन व पुलिस पर आरोप लगाया कि सपा सरकार के इशारे पर पुलिस ने उनके भाई और उन पर बूथ कैप्चरिंग का झूठा आरोप लगाकर गिरफ्तारी का षडयंत्र रचा है जबकि विरोधियों ने पहले ही बूथ लूट लिया था।