गोरखपुर कांड पर प्रदेश सरकार पूरे मामले पर हाथ पर हाथ धरे बैठी है, लेकिन भाजपा आंदोलन में गिरफ्तार किए गए लोगों के हक की लड़ाई लडे़गी। ये बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत बाजपयी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं।
वह गोरखपुर हिंसा में पुलिस की गोली लगने से मारे गए मंडैया दिलीपनगर निवासी अखिलेश निषाद पुत्र आत्माराम के यहां शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए गुरुवार को शाम करीब चार बजे पहुंचे थे।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था के नाम पर पूरी तरह से फेल हो गई है। खुलेआम पत्रकारों की हत्याएं हो रही हैं। महिला के साथ उत्पीड़न की वारदातें बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक उत्पीड़न में शामिल हैं, लेकिन सरकार उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर में पत्रकार गजेंद्र सिंह की हत्या में शामिल मंत्री रामपूर्ति सिंह वर्मा को अभी तक बर्खास्त नहीं किया गया। इससे प्रदेश सरकार की नियत पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था के नाम पर पूरी तरह फेल हो गई है, ऐसे हालात में भाजपा मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफा की मांग करती है।
गोरखपुर में हिंसा भड़कने और अखिलेश निषाद की मौत के लिए उन्होंने गोरखपुर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि वह गोरखपुर जेल में बंद निषाद लोगों से मिले थे और पूरे मामले की उनसे जानकारी ली। प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने यहां उल्टा ही किया।
पहले पुलिस ने फायरिंग की और फिर लाठी चार्ज करके आंसू गैस के गोले छोड़े। पूरे मामले की जांच के लिए भाजपा जल्द ही एक कमेटी गठित करेगी जो सप्ताह भर में अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जेल में बंद आंदोलनकारियों को इंसाफ दिलाने के लिए भाजपा वकीलों का एक पैनल बनाएगी जो निषाद आंदोलन में शामिल लोगों के मुकदमा की निशुल्क पैरवी करेगा। इसके साथ ही 21 जून के बाद गोरखपुर के कमिश्नर से मुलाकात करके दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की मांग की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए पिता आत्माराम निषाद के साथ मृतक अखिलेश के साथ गोरखपुर गए चचेर भाई अमृत से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने परिवार की महिलाओं के बीच भाजपा नेत्री सरिता भदौरिया को भेजा।
डा. वाजपेयी करीब आधा घंटे तक यहां रुके उनके साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्रा, जिलाध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा, क्षेत्रीय मंत्री डा. रमाकांत शर्मा, जिला महामंत्री विकास भदौरिया, पूर्व विधायक अशोक दुबे, पूर्व विधायक केके राज, सरिता भदौरिया, ज्ञानेंद्र अवस्थी, शेखर चौहान, शिवमहेश दुबे, आदित्य मोहन शर्मा, कुलदीप यादव, बंटी यादव व रामकुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।