इटावा जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के नाम घोषित होते ही अब जिले में राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा ने पुराने चेहरों पर ही फिर दांव आजमाया है। कांग्रेस और सपा का समझौता हो जाने के बाद अब यहां की तीनों सीटों पर कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं होगा। सपा ही सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
भाजपा की घोषित सूची में इटावा सदर से सरिता भदौरिया, जसवंतनगर से मनीष यादव पतरे एवं भरथना सुरक्षित सीट से सावित्री कठेरिया को टिकट दिया गया है। इनमें तीनों चेहरे ऐसे हैं जो एक या एक से अधिक बार लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि बसपा ने इटावा से नरेंद्र नाथ चतुर्वेदी, जसवंतनगर से दुर्वेश शाक्य एवं भरथना सुरक्षित सीट से राघवेंद्र गौतम को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं सपा ने इटावा से कुलदीप गुप्ता संटू, जसवंतनगर से शिवपाल सिंह यादव एवं भरथना सुरक्षित से कमलेश कठेरिया को प्रत्याशी घोषित किया है। सपा, बसपा के बाद अब भाजपा के प्रत्याशियों के नाम घोषित होने से चुनावी तस्वीर साफ हो गई है।
प्रोफाइल
सरिता भदौरिया
सरिता भदौरिया ने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 1999 में की थी। कांग्रेस के टिकट पर पहली बार इटावा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। इसके बाद उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की। बीजेपी के टिकट पर 2004 में लोकसभा चुनाव लड़ा। बीजेपी में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी लंबे समय तक काम किया।
प्रोफाइल
सावित्री कठेरिया
भरथना सुरक्षित सीट से सावित्री कठेरिया भाजपा में एक दशक से सक्रिय हैं। वर्ष 2012 में भी सावित्री ने भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भरथना सीट से लड़ा था। इस बार फिर भाजपा ने पुराने चेहरे पर ही दांव लगाया है।
प्रोफाइल
मनीष यादव पतरे
छात्र जीवन में समाजवादी पार्टी से सक्रिय राजनीति की शुरुआत करने वाले मनीष यादव पतरे ने वर्ष 2012 का विधानसभा चुनाव जसवंतनगर सीट से बसपा के टिकट पर लड़ा। विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की। इस बार बीजेपी ने सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव के मुकाबले मनीष यादव पतरे को प्रत्याशी बनाया है।