पक्षियों की लगातार हो रही मौतों से पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनित पांडेय ने बताया कि मरे हुए पक्षियों की जांच के लिए सैंपल बरेली स्थित लैब भेजा गया है। इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर इनसे संबंधित क्षेत्र को हॉटस्पाट घोषित किया जाएगा।
डॉ. विनित के अनुसार अभी तक जितने भी पक्षी मरे मिले हैं उनकी प्रारंभिक जांच में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
ज्यादातर पक्षियों की ठंड से मौत की आशंका है। मरने वाले पक्षियों में अधिकतर कौवे शामिल हैं जिनकी हर साल बड़ी संख्या में ठंड से मौत होती है। यदि किसी पक्षी की फ्लू से मौत होने की पुष्टि होती है तो उसके मरने वाले क्षेत्र को एक किलोमीटर की परिधि में हॉटस्पॉट जोन घोषित किया जाएगा।
यह केवल एहतियात के लिए किया जाएगा। हॉट स्पॉट जोन में किसी भी मनुष्य को नहीं जाने दिया जाएगा। दवा का नियमित छिड़काव होगा। पक्षियों की निगरानी की जाएगी। पालतू जानवर और मवेशियों को रेड जोन में नहीं जाने दिया जाएगा।
जिले में अबतक 43 मरे हुए पक्षी पाए जा चुके हैं। इनमें 37 कौवे, चार कबूतर, एक गुलगुलिया व एक सोन चिरैया शामिल है। यह सब बकेवर, महेवा, चकरनगर और मंगलवार को चितभवन के नावली गांव में एक साथ 30 कौवे मरे मिले हैं।