पुलिस के हत्थे एक ऐसा वाहन चोर गिरोह चढ़ा है, जो बाइक चुराते वक्त पिछली सीट पर महिला को बैठाकर चेकिंग के तमाम बैरियर पार करने में कामयाब हो जाता था। महिला बाइक चोर समेत 14 वाहन चोरों को गिरफ्तार करने के साथ पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की 30 बाइक, एक स्कूूटी, एक बाइक के पार्ट्स बरामद किए हैं।
रविवार को पुलिस लाइन में एसएसपी वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता में इस गैंग के बाबत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरोह की धर-पकड़ भी उस वक्त हुई, जबकि एसओ फ्रेंड्स कालोनी भोलू सिंह भाटी के अलावा क्राइम ब्रांच प्रभारी सत्येंद्र यादव अपनी टीम के साथ भरथना चौराहे के पास संदिग्धों की तलाश में चेकिंग कर रहे थे ।
इस दौरान वाहन चोर गैंग के कुछ सदस्यों की तावली से गौरा पुरा जाने वाली रोड पर मौजूदगी का पता चला। टीमों की घेराबंदी पर भागने की कोशिश के बीच इन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्त में आए लोगों में पल्लवी उर्फ लक्ष्मी पत्नी अजय उर्फ लल्लू निवासी राहतपुरा कालोनी के अलावा सनी पुत्र अशोक जाटव निवासी अस्तल मंदिर लाल पुरा, विवेक जाटव पुत्र राम आसरे निवासी बरही पुरा कोतवाली, आशीष उर्फ आशू पुत्र धर्मेंद्र जाटव निवासी बरही पुरा, अल्ताफ पुत्र इदरीस निवासी नखासा, अजय उर्फ लल्लू पुत्र ज्ञान चंद्र कुशवाह निवासी नखासा, शिवम पुत्र सुरेश प्रजापति निवासी लुहन्ना चौराहा, नरेश पुत्र मुलायम सिंह बाथम निवासी नगला राम फल जसवंत नगर, रमजान पुत्र मुस्ताक निवासी कटे खेरा जसवंत नगर, अंकुश पुत्र अनिल कुमार जाटव निवासी मान सिंह पुत्र राम सिंह दिवाकर निवासी राहत पुरा कालोनी, रामू पुत्र कैलाश बाबू शर्मा निवासी राहत पुरा कालोनी, संजय पुत्र मान सिंह कठेरिया निवासी केलामऊ थाना बसरेहर, सचिन पुत्र राजशेखर पुत्र राज निवासी यदुवंश नगर शामिल हैं। सचिन कर्नाटक के ग्राम मरमनाडी का मूल निवासी बताया जाता है। विकास बाथम पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी राहत पुरा कालोनी व राजा कबाड़ी निवासी उर्दू मोहल्ला भाग गए। पलिस उनकी तलाश कर रही है।
प्रेसवार्ता में मौजूद एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव, सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि गिरफ्त में आए बदमाशों से पूछताछ में पता चला है कि बाइक चोरी करने के बाद ये लोग गैंग में शामिल पल्लवी को परिवार के सदस्य की तरह पिछली सीट पर बैठाकर आसानी से निकल जाते थे। चेकिंग कर रही पुलिस टीम बाइक सवार के साथ पत्नी या परिवार की महिला की मौजूदगी मानकर गुजरते वक्त सख्ती से चेकिंग या पूछताछ नहीं कर पाती थी।