इटावा। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बिना किसानों की सहमति को जाने फसल बीमा की प्रीमियम धनराशि कटौती के मामले में बीमा कंपनी को कारण बताओ नोटिस दिया है।
शासनादेश के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना को ऐच्छिक बनाया गया है। अर्थात यदि कोई किसान बीमा नहीं कराना चाहता है तो वह अपनी बैंक में जाकर लिखित रूप से अपनी असहमति दर्ज कराएगा। यदि किसान बीमा नहीं कराना चाहता है तो उसके खाते से प्रीमियम की धनराशि काटकर बीमा कंपनी के खाते में नहीं भेजी जाएगी।
इसके लिए 23 जुलाई तक का समय दिया गया है। यदि 23 जुलाई तक किसान की लिखित असहमति नहीं आती है तो बैंक उसके खाते से प्रीमियम की धनराशि काट लेगा। इटावा में बीमा कंपनी ने 23 जुलाई का इंतजार किए बगैर ही 10153 किसानों के खाते से लगभग 93 लाख रुपये की धनराशि प्रीमियम के तौर काट ली। इसका तमाम किसान संगठन विरोध कर रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोम्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक से पूछा कि यदि कोई किसान 24 जुलाई से पूर्व बैंक शाखा में बीमा नहीं कराने का पत्र देता है तो उसके खाते से काटी गई धनराशि किस प्रकार से वापस की जाएगी। बीमा कंपनी अब इसका जवाब देगी। उधर किसान नेता मुकुट सिंह ने कहा कि किसानों केे साथ सरासर लूट हो रही है। बिना किसानों की जानकारी के उनके खातोंसे धनराशि कटौती का विरोध किया जाएगा।