बकेवर। कस्बा लखना में साधन सहकारी समिति पिछले नौ साल से बंद है। किसानों को सस्ती दर पर खाद, बीज उपलब्ध कराने वाली यह संस्था अब किसानों को मुंह चिढ़ा रही है। यहां न तो कोई कर्मचारी है और न ही सामान, सिर्फ इमारत खड़ी है। क्षेत्र के किसानों ने सहकारी समिति को चालू कराने की मांग की है।
क्षेत्र के ग्राम करौंधी, जैतपुरा, विधिपुरा, बेरीखेड़ा, मानपुरा, नगला कले, नवादा बहादुरपुर, दुर्गापुर, दाउदपुर, सब्दलपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की सुविधा के लिए लखना में सहकारी समिति की स्थापना की गई थी। समिति से क्षेत्रीय किसानों को खाद बीज आसानी से मिलते थे। समिति के बंद होने से यहां तैनात कर्मचारियों को हटा दिया गया, लेकिन ये कर्मचारी समिति में रहकर बिजली का उपभोग कर रहे हैं। क्षेत्रीय किसानों की मांग पर विभागीय अधिकारियों ने समिति को चलवाने का आश्वासन तो दिया, लेकिन समिति चालू नहीं हो सकी।
समिति के पूर्व अध्यक्ष सूरजभान सिंह चैहान उर्फ टिल्लू बताते हैं कि समिति से क्षेत्रीय किसानों को बहुत लाभ मिलता था, अब बंद होने के कारण भटकना पड़ता है। प्रगतिशील किसान रामनरेश त्रिपाठी, भारत सिंह, विनोद राजावत, दीपू सिंह चैहान आदि का कहना है कि समिति के बंद होने से खाद बीज प्राइवेट दुकानों से महंगा खरीदना पड़ता है। किसान अरविंद सिंह चैहान, अश्वनी त्रिपाठी, बंटी चैहान, महावीर सिंह, ओमनरायण त्रिपाठी, धनंजय सिंह कुशवाहा, बीडीसी सीन्टू यादव, गुमानी नेता, विवेक यादव सहित सैकड़ों किसानों ने मुख्यमंत्री से समिति को पुन: चालू कराने की मांग की है।