इटावा। जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों से इलाज के नाम पर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। कार्ड धारक एक महिला ने पांच हजार रुपये लेकर पथरी का ऑपरेशन करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने आयुष्मान कार्ड बंद होने की बात बताकर उसे शुरू कराने के नाम पर पांच हजार रुपये वसूल लिए। सीएमओ ने सीएमएस को जांच के निर्देश दिए हैं।
जसवंतनगर क्षेत्र के मोहल्ला फक्कड़पुरा निवासी अशोक कुमार की करीब पत्नी विमला देवी (55) ने बताया कि उसने 18 दिसंबर को जिला अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। इसके चलते 15 दिन भर्ती भी रही। आरोप है कि उसके पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद जिला अस्पताल के एक कर्मचारी ने उससे आयुष्मान कार्ड बंद होने की बात कहते हुए खुलवाने के लिए पांच हजार रुपये लगेंगे।
पीड़िता का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उसने पांच हजार रुपये दिए और करीब 15 दिन अस्पताल में भर्ती रही। लेकिन पेट में दर्द होने की वजह से सोमवार को वह जिला अस्पताल में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर से मिली। आरोप है कि उन्होंने पर्चा फेंकते हुए कहा कि आगरा, ग्वालियर, दिल्ली जाकर इलाज कराओ। पीड़िता ने बताया कि उसे अब उसे डॉक्टर ने कैंसर होने की बात कही है। बताया कि वह पूड़ी बेलने का काम करती है, जबकि पति मजदूरी करते हैं। पीड़ित महिला विमला देवी के साथ उनकी देवरानी रजनी भी जिला अस्पताल उनके साथ आई थी, जो इकदिल क्षेत्र की इंधौआ पंचायत में आशा बहू है।
वर्जन
अभी तक हमारे पास इस संबंध में पीड़ित की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर संबंधित स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी। -डॉ.एमएम आर्या, सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल।
वर्जन
आयुष्मान कार्ड धारकों का निशुल्क इलाज करने की सुविधा है। यदि फिर भी किसी कर्मचारी ने आयुष्मान मरीज से रुपये लिए हैं उसकी जांच कराएंगे। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी। -डॉ.गीता राम, सीएमओ।