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Etawah News: आयुष अस्पताल खुद बीमार, छह माह से 30 दवाएं नहीं

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इटावा। जिला अस्पताल में संचालित आयुष चिकित्सालय खुद बीमार है। अस्पताल में करीब छह माह से आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी में सर्दी, जुकाम, खांसी, पेट दर्द समेत 30 से अधिक दवाएं नहीं है। बीमारी के मौसम में दूर से आने वाले मरीजों को दवा के अभाव में खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। चिकित्साधिकारी ने दवाओं के लिए सीएमओ को तीन बार पत्राचार किया, लेकिन अभी तक आपूर्ति नहीं हो सकी है।
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आयुष अस्पताल के आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी विभाग में रोजाना 70 से अधिक मरीज आते हैं। कई मरीज 20 से 30 किलोमीटर दूर से आते हैं। दवा न मिलने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। संबंधित चिकित्साधिकारी कई रोगियों को शहर के यूनानी अस्पताल भेज देते हैं।
ये आयुर्वेदिक दवाएं खत्म
चित्रकारी बटी, काम दुधारस शोधरेश्वर रस, शिकोलाद चूर्ण, लालीशाद चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, हिंग वास्टक चूर्ण, लवण भास्कर चूर्ण, वाडविध्वस रस आदि दवाएं सम्मलित हैं।
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ये होम्योपैथिक दवाएं नहीं
होम आरिसिका वेट, रस्टोस्क, रूटा ग्रैब, ललगैरिस, रासिया, परिला, सल्फर, नक्श, वोगिका, चाइना आदि दवाएं सम्मलित हैं।

इन यूनानी दवाओं का टोटाहत्वे कादिर, नौशादरी, हजाराटर्की, नुर्स, अबे, बुसे का खून, कुरे हार्बिटा, कुरैरा आदि दवाएं शामिल हैं।
मरीजों ने बयां किया दर्द
फोटो 03:: कमल सिंह
केस-1
न डॉक्टर मिले, न पूरी दवा
औरैया के भीमसेन निवासी कमल सिंह ने बताया कि वह दूसरी वार दवा लेने आए हैं। पेट में काफी दिनों से दर्द है। आयुष अस्पताल में कुछ दवा नहीं मिल पाई है। होम्योपैथिक के डॉक्टर भी नहीं मिले। पूछने पर बताया गया कि वह छुट्टी पर हैं। बाहर से दवा खरीदनी पड़ेगी।
फोटो 04: बॉबी
केस-2
पथरी के दर्द की नहीं मिली दवा
विजय नगर निवासी बॉबी ने बताया कि वह पथरी के दर्द की दवा लेने आ रहे हैं। आयुर्वेदिक में पथरी के दर्द की दवा नहीं मिल रही है। हर बार चिकित्सक अगली बार मिलने को कहते हैं, लेकिन अभी तक दवा नहीं मिली है।
फोटो 05 : शैल कुमारी
केस-3
एलोपैथिक दवा से चल रहा काम
कटरा बल सिंह निवासी शैल कुमारी ने बताया कि खाना खाने के बाद सीने में बहुत अधिक जलन होती है। इसका आयुर्वेदिक में इलाज करवा रहे हैं। यहां कुछ दवा तो मिल जाती है। बाकी एलोपैथिक दवा लेनी पड़ती है।
वर्जन-
आयुष चिकित्सालय में करीब 30 प्रकार से अधिक दवाएं खत्म हुए छह माह से अधिक समय हो चुका हैं, लेकिन अभी तक दवाओं की आपूर्ति नहीं मिली है। दवा के अभाव में मरीजों को लौटना पड़ता है। सीएमओ को इस साल तीन बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक दवा नहीं मिली है। जल्द ही लखनऊ से दवा मिलने की उम्मीद है।
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-डॉ.अरुण कुमार मैरोठिया, आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी
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