चकरनगर। हनुमंतपुरा चौराहे पर भू माफियाओं ने फर्जी रजिस्ट्री करके इंदिरा आवासों को ही बेच दिया। तहसील प्रशासन कार्रवाई के लिए आवास के लाभार्थियों को खोज रहा है।
हनुमंतपुरा चौराहे पर स्थित मुख्य बाजार में फूफ रोड पर सहसों ग्राम समाज की जमीन पर साल 1985 से लेकर 2000 तक 16 को इंदिरा आवास के लिए भूखंड आवंटित किए गए थे। धीरे-धीरे गरीबों ने आवासों को धनाड्य लोगों को बेच दिया और शहरों में बस गए। सहसो पंचायत के पूर्व प्रधान सुनील पोरवाल ने एक आवास एवरन चिकवा से खरीद लिया था। चिकवा करीब एक दशक पूर्व यहां से छोड़कर चला गया। आवास में दुकान का स्टोर रूम बना हुआ है। उन्होंने आवास एक प्रॉपर्टी डीलर को बेचा, प्लाटिंग के लिए डीलर ने जब रास्ता बनाना शुरू किया तो मामला खुला।
नायब तहसीलदार चकरनगर संदीप कुमार सिंह ने बताया कि गाटा संख्या 2177 रकवा संख्या 0.162 यानी दो बीघा जमीन ग्राम समाज की है। प्रॉपर्टी डीलर ने सरकारी जमीन की रजिस्ट्री करवा कर ली है। सरकारी भूमि बेचने और खरीदने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई जाएगी। जिला विकास अधिकारी / खंड विकास अधिकारी चकरनगर दीनदयाल वर्मा ने बताया कि किसी भी इंदिरा आवास को कोई भी लाभार्थी न तो स्थानांतरित कर सकता है और न ही कभी उसको बेच सकता है। यह सरकारी संपत्ति होती है। सरकारी आवास और सरकारी भूमि की रजिस्ट्री करना कानूनन बड़ा अपराध है। ग्राम पंचायत में इंदिरा आवास की भूमि को बेचने की जानकारी हुई है। जिसकी की छानबीन की जा रही है।