इटावा। घने कोहरे की वजह से ट्रेनों के लेट रहने का सिलसिला जारी है। हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर अप-डाउन में कुल 26 ट्रेनें लेट रहीं। इसमें सबसे अधिक अवध एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे व मगध सात घंटे देरी से आईं। हालत यह है कि गुरुवार रात को आने वाली कई ट्रेनें शुक्रवार सुबह इटावा जंक्शन पहुंचीं। इससे दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार को कोहरे की वजह से अप लाइन पर फरक्का एक्सप्रेस चार घंटा 15 मिनट, देहरादून एक्सप्रेस एक घंटा 15 मिनट, वैशाली एक्सप्रेस छह घंटा 48 मिनट देरी से आई। इसी तरह पूर्वा एक्सप्रेस आठ घंटा 52 मिनट, पटना-कोटा एक्सप्रेस चार घंटा 44 मिनट, लालगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन चार घंटा 57 मिनट देर से आई। अवध एक्सप्रेस नौ घंटा 33 मिनट, मरुधर एक्सप्रेस पांच घंटा 28 मिनट, प्रयागराज-शकूरबस्ती एक्सप्रेस चार घंटा 43 मिनट, इटावा-आगरा कैंट एक घंटा 24 मिनट, मगध एक्सप्रेस सात घंटा देरी से इटावा जंक्शन पर आई।
इसी तरह डाउन लाइन पर अलीगढ़-गोविंदपुरी एक्सप्रेस एक घंटा, टूंडला-कानपुर पैसेंजर एक घंटा, आम्रपाली एक्सप्रसे एक घंटा, कैफियत एक्सप्रेस दो घंटा 20 मिनट, वैशाली एक्सप्रेस दो घंटा 10 मिनट, लिंक एक्सप्रेस एक घंटा 54 मिनट, मगध एक्सप्रेस दो घंटा, शताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटा, गोमती एक्सप्रेस तीन घंटा, समेत कई ट्रेनें लेट रहीं।
इतनी बड़ी संख्या में दैनिक ट्रेनों के घंटों लेट रहने से यात्रियों को परेशानी हुई। उत्तर-मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि कोहरे की वजह से अप-डाउन में कई ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। यात्री ट्रेनों की यथास्थिति देखकर ठंड में घर से बाहर निकलें। इससे उन्हें सर्दी में ट्रेनों का प्लेटफार्म पर कई घंटे इंतजार न करना पड़े।
शुक्रवार को कानपुर से दिल्ली जाने वाली शताब्दी व इटावा-ग्वालियर,झांसी एक्सप्रेस पूर्व निर्धारित समय के तहत कोहरे की वजह से निरस्त रहीं। दोनों ट्रेनों के निरस्त रहने से यात्रियों को परेशानी हुई। इन ट्रेनों से जाने वाले जाने दैनिक यात्री दूसरे ट्रेनों से जनरल टिकट पर सवार हुए। इसकी वजह से उन्हें परेशानी हुई।