जिले में नगदी की किल्लत फिर दिखने लगी है। सोमवार को सभी एटीएम शोपीस बने रहे। लोग कार्ड लेकर कड़ी धूप में एक से दूसरे एटीएम की दौड़ लगाते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। कहीं शटर डाउन मिला तो कही कैश नहीं था। मजबूरी में लोगों को बैंक काउंटर पर जाकर भुगतान लेना पड़ा।
शहर में करीब 50 एटीएम स्थापित हैं। सोमवार को इनमें से करीब 40 एटीएम बंद रहे। शास्त्री चौराहा स्थित स्टेट बैंक मेन ब्रांच के बाहर लोगों की भीड़ दिखी। सुबह यहां तीन एटीएम चालू थे लेकिन दोपहर 12 बजे तक इन एटीएम के भी शटर गिरा दिए गए।
कचहरी रोड पर कई बैंकें मौजूद हैं। बैंक शाखाओं के बाहर उनके एटीएम भी लगे हैं। यहां मौजूद बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यूको बैंक, आईडीबीआई बैंक आदि बैंकों के एटीएम भी शोपीस बने रहे। पैसे निकालने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
बलराम सिंह चौराहा स्थित यूको बैंक के एटीएम पर आए जसवंतनगर के जनकपुर गांव के हरिओम और शिवा कालोनी निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई एटीएम का चक्कर काटकर यहां आए थे, लेकिन रुपये नहीं मिले।
जिम्मेदारों का ये है कहना
-स्टेट बैंक मेन ब्रांच के चीफ मैनेजर एके गुप्ता ने माना कि नगदी की उपलब्धता कम है। एटीएम में उपलब्धता के हिसाब से नगदी रखी जा रही है। आरबीआई को डिमांड भेजी जा चुकी है। फिलहाल कुछ समय के लिए एटीएम भी खोले जा रहे हैं।
- कचहरी रोड स्थित एक्सिस बैंक के आफिस हेड गौरव ने बताया कि शनिवार को एटीएम में कैश रखवाया गया था। रविवार को एटीएम चलते रहे। सोमवार को कैश उपलब्ध नहीं रहा। आगरा स्थित करेंसी चेस्ट के लिए इनडेंड कट चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही नगदी उपलब्ध हो जाएगी।
-अन्य बैंकों के शाखा प्रबंधकों के अनुसार नगदी उपलब्ध होगी तो एटीएम में रखी जाएगी। प्राइवेट बैंक मैनेजरों ने कहा कि कई राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम आमतौर पर बंद ही बने रहते हैं। ऐसे में प्राइवेट बैंक के एटीएम पर अधिक लोड रहता है। इसे वहन कर पाना मुमकिन नहीं है।