बसपा सुप्रीमो के आह्वान पर बसपाइयों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकारों पर जमकर निशाना साधा। मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल को किसान विरोध बताया। प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया।
मुख्य अतिथि व जोनल कोआर्डिनेटर अशर्फीलाल शंखवार ने कहा कि मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल से किसानों को कोई फायदा नहीं होने वाला। इससे फायदा होगा पूंजीपतियों को। उन्होंने कहा कि दैवी आपदा में प्रदेश और केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है।
किसान खुदकुशी कर रहे हैं और दोनों सरकारें हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। प्रदेश में गुंडाराज कायम है। पब्लिक ने प्रदेश और केंद्र सरकार से चुनाव के वक्त जो उम्मीदें की थीं, उन पर पानी फिर गया है। अब जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 2017 में प्रदेश में फिर से बसपा सरकार बनेगी।
पूर्व जिलाध्यक्ष लाखन सिंह जाटव ने कहा कि भू-माफिया किसानों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने संशोधित भूमि अधिग्रहण कानून लाकर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। सदर विधानसभा सीट से बसपा के घोषित प्रत्याशी रुकुम सिंह राजपूत ने कहा कि दैवी आपदा ने किसानों की फसलों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। अगर प्रदेश सरकार उचित मुआवजा देती तो किसान आत्महत्या नहीं करते।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मंडल कोआर्डीनेटर जसकरन सिंह कठेरिया ने कहा कि प्रदेश में लूट, डकैती, बलात्कार, हत्या आदि संगीन वारदातों की बाढ़ आ गई है। प्रदेश सरकार अपराधों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
धरना सभा को मंडल कोआर्डीनेटर संघप्रिय गौतम, सुधींद्र भदौरिया, भरथना विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राघवेंद्र गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह जाटव, रामबाबू भंते, सुरजन सिंह, खादिम अब्बास, वीरू भदौरिया आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान महेंद्र पांडेय, नबी मंसूरी, श्याम चौधरी, इमरान मौजूद रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विनोद कुमार जाटव ने की। संचालन बंटू बाजपेयी ने किया।