एक जुलाई से शुरू हुई महीने भर तक चने वाले संचारी अभियान पौन महीना बीतने के बावजूद गति नहीं पकड़ सका है।
इस अभियान में लगीं आशा कार्यकर्ता लक्ष्य के अनुरूप अभी तक सिर्फ 50 फीसदी घरों पर दस्तक दे चुकी हैं।
प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे के अनुसार संचारी अभियान के लिए प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।
1193 आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर मच्छर जनित रोगों की रोकथाम कर बारे में लोगों को जागरूक करने, पोस्टर लगाने, पम्फलेट बांटने का काम कर रही हैं।
साथ ही कूलरों में पानी इकट्ठा न होने देने सप्ताह में एक दिन कूलर की टंकी को रविवार को साफ करने एवं छतों पर बारिश का पानी न भरने की सलाह दे रहीं हैं। ताकि लार्वा न पैदा हो सके।
साफ सफाई पर जोर दे रहीं हैं। बताया अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं को एक महीना में शहर व गांव के 2 लाख 32 हजार 290 घरों पर पहुंचने लक्ष्य दिया गया था।
01 जुलाई से लेकर 21 जुलाई तक 50 प्रतिशत यानी 01 लाख 12 हजार 414 घरों तक ही आशा कार्यकर्ताओं ने दस्तक दी है। हालांकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस की वजह से घर के अंदर जाकर कूलर इत्यादि चेक नहीं कर रहीं हैं।
प्रभारी मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे ने बताया कि शहरों में नगर पालिका और नगर पंचायत को शहर एवं गांव को सैनिटाइज करने पर एंटी लार्वा दावा का छिड़काव करने, नाले नालियों की साफ सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
इटावा शहर में 40 वार्ड, भरथना एवं जसवंतनगर में 25-25 वार्ड हैं। बकेवर नगर पंचायत में 12 तथा इकदिल एवं लखना नगर पंचायत में 10-10 वार्ड हैं। बताया सभी सीएचसी की और से एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है।
सभी 685 राजस्व ग्राम में आशा पोस्टर बैनर लगा पम्फलेट बांट रही हैं।अभी तक इस संबंध में लखना नगर पंचायत अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।