गांव ढकाताल में सोमवार की दोपहर करीब दो बजे खेतों में आग लगने से करीब डेढ़ दर्जन किसानों की 70 बीघे गेहूं की फसल राख हो गई। सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड के विलंब से पहुंचने पर ग्रामीणों में खासी नाराजगी रही।
गांव ढकाताल में सोमवार की दोपहर गेहूं के एक खेत में आग लगी। आग की लपटों ने एक-एक कर डेढ़ दर्जन किसानों की खेतों में खड़ी फसल को चपेट में ले लिया। गेहूं की फसल धू-धू कर जलते देख गांव में हड़कंप मच गया।
आग लगने की खबर सुनते ही पुरावली, नगला छिद्दी, बहेड़ा आदि गांवों के लोग पहुंचकर आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीण पानी व धूल-मिट्टी डालकर आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन आग भड़कती ही जा रही थी। इस बीच ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड व थाने को भी सूचना दी। लेकिन फायर ब्रिगेड काफी विलंब से पहुंची, तब तक ग्रामीणों ने आग बुझा ली थी।
आग की चपेट में आकर परशुराम की पांच बीघे, चंद्रशेखर व राम प्रकाश की पांच-पांच बीघे, राधेश्याम की नौ बीघे, कृपा चौधरी की आठ बीघे, जितेंद्र राजपूत की छह बीघे, मानसिंह की दो बीघा, कल्लू की तीन बीघा, नेक्स के ढाई बीघा, विश्वनाथ की दो बीघा, वीरेंद्र महातिया की आठ बीघा गेहूं फसल राख हो गई।
जानकारी के मुताबिक इस अग्निकांड में डेढ़ दर्जन किसानों की फसल राख हुई है। ग्रामीणों में फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर नाराजगी दिखाई। ग्राम प्रधान सुभाष यादव का कहना है कि फायर ब्रिगेड समय से पहुंच जाती तो नुकसान काफी हद तक बच सकता था। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग के अधिकारी, कानूनगो लेखपालों की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया।