इटावा। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए समय से आवेदन करने के बाद भी लोग महीनों से दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। जिले की सभी छह तहसीलों में 30 सितंबर से पहले के हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की लेटलतीफी के कारण कई आवेदन सात-आठ महीने से लंबित हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने के लिए लोग बार-बार कार्यालय पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो सैफई में जन्म के 99 और मृत्यु के छह, इटावा में 90 तथा भरथना तहसील में 200 आवेदन लंबित हैं। जसवंतनगर ब्लॉक की 61 ग्राम पंचायतों में जनवरी से अक्तूबर के बीच जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के 157 आवेदन लंबित बताए गए हैं। आवेदनों के लंबित रहने की वजह विभागीय स्तर पर सत्यापन और अन्य प्रक्रिया में देरी बताई जा रही है। कई मामलों में आवेदन काफी पहले किए जा चुके हैं लेकिन संबंधित पटल के कर्मचारियों ने समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं की। इससे आवेदकों को बिना वजह कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जरूरी काम भी हो रहे प्रभावित
जन्म प्रमाणपत्र बच्चों के स्कूल प्रवेश, आधार समेत अन्य दस्तावेजों में जन्मतिथि दर्ज कराने के लिए जरूरी है। वहीं मृत्यु प्रमाणपत्र के बिना बैंक खाते, बीमा, पेंशन और संपत्ति संबंधी दावों की प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में प्रमाणपत्र जारी करने में महीनों की देरी लोगों के जरूरी काम भी रोक रही है।
आवेदकों की बात
1- भरथना के महावीर नगर निवासी सुप्रिया पोरवाल ने बताया कि उन्होंने पुत्र अभिराज का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए फरवरी में आवेदन किया था। सात महीने बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ। प्रमाणपत्र के लिए उन्हें तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे उनके बच्चे की पढ़ाई में भी व्यवधान हो रहा है।
2- ब्लॉक महेवा क्षेत्र के ग्राम निवाड़ीकला निवासी सबीना अजमी ने अपने पुत्र मोहम्मद जाहिद का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सात अप्रैल को आवेदन किया था। विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया के लिए जन्म प्रमाण पत्र की मांग की गई थी। छह महीने बीच चुके है लेकिन प्रमाण पत्र नहीं मिला। कई बार ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगा चुके है।
3- सैफई ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम बोराइन निवासी सरस्वती ने बताया कि बेटी की उम्र डेढ़ साल है। जन्म प्रमाणपत्र के लिए करीब चार माह पहले आवेदन किया था। पहले तो ब्लॉक के कर्मचारी किसी न किसी कागज की कमी बताते रहे। कागजों को पूरा करने में 1500 रुपये भी खर्च हो गए। अब कर्मचारी कह रहे है कि आपके कागज ही गुम हो गए है।
4- ग्राम बहेड़ा निवासी राम प्रसाद पाठक ने बताया कि उनकी पौत्री लवी का जन्म प्रमाण पत्र बनना है। इसके लिए उन्होंने जुलाई में आवेदन भी कर दिया था। लेकिन प्रमाण पत्र अभी तक नहीं बन सका है। ब्लॉक महेवा मुख्यालय पर पता किया तो कहा जाता है कि आपका आवेदन तहसील स्तर पर लंबित चल रहा है। तहसील में पता करने जाते तो वहां कोई सही जानकारी ही नहीं देता है।
5- ग्राम वीरपुर सलेमपुर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि तीन माह पहले उन्होंने अपनी बहन पूजा के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। 25 सितंबर को ब्लॉक में पता किया तो कहा गया कि सभी प्रकार की रिपोर्ट लगवाकर तहसील में भेज दिया गया है। लेकिन आवेदन अभी तक नहीं मिला। अब अक्तूबर से बदले नियम से उन्हें फिर से आवेदन करना होगा।
6- भरथना के यादव नगर निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पिता राम प्रसाद का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जुलाई में आवेदन किया था। इसके बाद कई बार तहसील जा चुके हैं, लेकिन प्रमाणपत्र अब तक नहीं बन सका। प्रमाण पत्र न बन पाने से पिता के बैंक खाता सहित जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं।
वर्जन
सभी तहसीलों और नगर पालिकाओं को निर्देश हैं कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र निश्चित समय के अंदर ही दिए जाएं। किसी विशिष्ट वजह से यदि प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है तो संबंधित व्यक्ति को सही जानकारी देकर प्रपत्र बनाएं। सभी को फिर से निर्देशित किया जाएगा कि हर हाल में प्रमाण पत्रों को समय पर जारी किया जाए।-बिपिन कुमार, एडीएम