कस्बा निवासी बहादुर छात्रा अंजली को राज्य सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। छात्रा ने ढाई साल पहले एक घर में आग से घिरे दो बच्चों की जान बचाई थी। वीरता पुरस्कार मिलने पर अंजली के परिवार में हर्ष की लहर है।
कस्बे के मोहल्ला अहीरटोला निवासी भगवानदास कोरी की बेटी अंजली देवी (16) हिंदू विद्यालय इंटर कालेज में कक्षा 11 की छात्रा है। अंजली 15 मार्च 2014 को सुबह 10 बजे पढ़ने जा रही थी। रास्ते में पड़ने वाले मोहल्ला गुलाबबाड़ी के एक घर में आग लगी देख वह रुक गई। आग में दो बच्चे फंस गए थे। आसपास के लोग मदद न कर एक-दूसरे का मुंह ताक रहे थे। बच्चों को बचाने का साहस किसी ने नहीं दिखाया। ऐसे में अपनी जान की परवाह न कर साहसी बेटी अंजली उस घर में कूद गई। उसने दोनों बच्चों को बचा लिया। वहां मौजूद सभी लोग उसे देखकर दंग रह गए। वह परिवार गुलाबबाड़ी मोहल्ले में किराये पर रहता था। घटना के कुछ माह बाद पूरा परिवार कहीं और चला गया। छात्रा के साहस के लिए सैफई महोत्सव समिति ने उसे प्रशस्ति पत्र दिया था। जिला प्रशासन ने अंजली का नाम महारानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए भेजा। सरकार ने इस पर मोहर लगा दी है। अंजली प्रदेश सरकार के इस फैसले से काफी खुश है। अंजली के इस पुरस्कार के लिए चुने जाने पर पूर्व ब्लाक प्रमुख डा. ब्रजेश यादव, महावीर सिंह यादव, ब्लाक प्रमुख अनुज मोंटी यादव, चेयरमैन विमलेश यादव, सपा नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता, सपा नेता विनोद यादव, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद यादव, कप्तान सिंह यादव, सभासद राजीव यादव, नीलम चतुर्वेदी, विनय पांडेय आदि ने बधाई दी है।