इंद्रध्वज महामंडल विधान के आठवें दिन उमड़ा श्रद्धाइटावा। शहर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, लालपुरा में श्री इन्द्रध्वज महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का आठवां दिन धार्मिक उल्लास से भरा रहा। मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने भक्ति की। मंदिर परिसर सुबह से ही मंत्रोच्चार और जयकारों से गूंजता रहा।
प्रातः श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीजी का विधि-विधान से अभिषेक किया। इसके बाद मुनि श्री विशल्य सागर महाराज के मुखारविंद से शांतिधारा संपन्न हुई। विधान में सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र सहित विभिन्न धार्मिक पात्रों ने भक्ति नृत्य किया। पांच दीक्षार्थियों ने मुनि श्री विशल्य सागर महाराज से आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने पंचमेवा के साथ दीक्षार्थियों की गोद भराई की। इन दीक्षार्थियों को 25 अक्तूबर को दिल्ली में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज दीक्षा देंगे। सायंकाल भगवान श्रीजी की आरती गाजे-बाजे के साथ मंदिर पहुंचाई गई। मंदिर में भगवान श्रीजी और मुनि श्री विशल्य सागर महाराज की भव्य महाआंरती हुई।
विधान का समापन
स्वर्णिम वर्षायोग साधु सेवा समिति के अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार ने बताया। श्री इन्द्रध्वज महामंडल विधान का समापन 9 अक्तूबर को होगा। यह समापन हवन कुंड में आहुतियों के साथ किया जाएगा। उन्होंने जैन समाज के सभी श्रद्धालुओं से धर्मलाभ लेने का आह्वान किया। समिति के विवेक जैन, दिलीप जैन, बंटी बनारस जैन, पूरन जैन और रीतेश जैन ने सहयोग किया।