इटावा/बकेवर। मानसून की पहली तेज बारिश के साथ ही जिले की बिजली व्यवस्था भी लड़खड़ा गई। मंगलवार रात से बुधवार शाम तक शहर में बार-बार ट्रिपिंग और फाल्ट के चलते लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ा, जबकि बकेवर और महेवा क्षेत्र के करीब 200 गांवों में 15 से 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बारिश के कारण मरम्मत कार्य भी प्रभावित हुआ, जिससे आपूर्ति बहाल होने में काफी देर लगी।
शहर के लाइनपार क्षेत्र में सबसे अधिक परेशानी भरथना चौराहा, फ्रेंड्स कॉलोनी और रामनगर फीडरों पर रही। भरथना चौराहा फीडर की बिजली रात 1:34 बजे बाधित हुई, जबकि फ्रेंड्स कॉलोनी और रामनगर फीडर की आपूर्ति रात 2:17 बजे ब्रेकडाउन के कारण बंद हो गई। रामनगर फीडर सुबह 3:55 बजे चालू हुआ, लेकिन 4:37 बजे मुख्य आपूर्ति फेल होने से फिर बिजली चली गई। अशोकनगर-भरथना फीडर सुबह 4:59 बजे चालू हो सका, जबकि विजयनगर चौराहे के पास फाल्ट आने से रामनगर फीडर की आपूर्ति सुबह 7:11 बजे बहाल हो सकी। दिन में भी फाल्ट का सिलसिला जारी रहा। सुबह 11:39 बजे अशोकनगर फीडर से जुड़े शहरिया ट्रांसफार्मर में खराबी आने से आपूर्ति बाधित हो गई। सुंदरपुर फीडर से जुड़े करीब 10 मोहल्लों में भी रात और दिन के दौरान कई बार बिजली गई। दोपहर करीब 2:30 बजे मनोरंजन सदन के पास ट्रांसफार्मर का इंसुलेटर खराब होने से संबंधित क्षेत्र की बिजली डेढ़ घंटे तक बंद रही।
उधर, बकेवर बिजली उपकेंद्र की इनकमिंग मशीन में बारिश के कारण नमी आने से मंगलवार रात करीब 11 बजे फाल्ट हो गया। इसके बाद टकरुपुर 132 केवी केंद्र से आने वाली 33 केवी लाइन में भी खराबी आ गई। सुरक्षा के लिहाज से पटिया, महेवा, लुधियानी, आरएल और पीटीडब्ल्यू समेत कई फीडरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। तकनीकी खामियां दूर होने के बाद बुधवार शाम करीब चार बजे बिजली बहाल हो सकी। इस दौरान 100 से अधिक गांव करीब 15 घंटे अंधेरे में रहे। वहीं बारिश का सबसे अधिक असर महेवा क्षेत्र में देखने को मिला। इकनौर, अनंतराम, मेहंदीपुर और अहेरीपुर समेत सात फीडरों में फाल्ट आने से करीब 200 गांवों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई गांवों में 16 घंटे बाद भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। बिजली न रहने से पंखे, कूलर और सबमर्सिबल बंद रहे। बकेवर के जेई आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश से इनकमिंग सेक्शन में नमी आने के कारण ब्लास्ट हुआ था। बाद में 33 केवी लाइन का फाल्ट भी ठीक कराया गया। आरएल फीडर के व्यासपुर, कोठी व्यासपुर, शेरपुर सहित करीब 15 गांव तथा लुधियानी फीडर के लुधियानी, भरईपुर, मुड़ैना और नगला सुंदर सिंह समेत लगभग 45 गांव प्रभावित रहे।