वैदपुरा में गाय की सेवा करते गोसेवक अखिलेश तिवारी।
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तीन वर्ष पूर्व एक घायल गाय को देखकर वैदपुरा के अखिलेश तिवारी में गो सेवा का जज्बा जागा। तब उन्हाेंने संकल्प लिया कि अब किसी गाय को तड़पकर नहीं मरने देंगे। वैदपुरा बाजार में प्राचीन शिव मंदिर के सामने दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल गाय का उन्हाेंने इलाज कराया। अब तक वह 450 घायल गायों का उपचार करा चुके हैं।
वैदपुरा में पशुओं का बाजार लगता है। वहीं सैकड़ों गाय सड़कों पर विचरण करती हैं। आसपास के किसानों ने फसल की रक्षा के लिए खेतों में तार लगा रखे हैं। रोजाना दर्जनों गायें इन तारों में उलझकर और दुर्घटना में घायल हो जाती हैं। ऐसी गायों के उपचार और उनकी सेवा का बीड़ा अखिलेश तिवारी ने टीम बनाकर उठाया है। रोजाना करीब 12 गायों के उपचार का इंतजाम अखिलेश तिवारी और मनोज गुप्ता करते हैं। गोरक्षा दल के प्रदेश महासिचव मयंक बिधौलिया से प्रेरित अखिलेश तिवारी की गोसेवक टीम में मनोज गुप्ता, भूपेंद्र वर्मा, रणवीर यादव, आचार्य शैलेंद्र, रूपचंद्र, देवेंद्र प्रताप सिंह, भारत सिंह, हिमांशु गुप्ता शामिल हैं। जो भी गाय मरती हैं उनके लिए चुनरी की व्यवस्था धीरज गुप्ता करते हैं। गोसेवक गड्ढा खोदकर गायों का अंतिम संस्कार करते हैं। घायल गाय जहां भी मिलती है, टीम उसका इलाज करती है। गंभीर रूप से घायल गाय को प्राचीन शिव मंदिर ले जाकर उसके इलाज और चारे की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने गोशाला के लिए जिला प्रशासन से ग्राम पंचायत स्तर पर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।