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Etawah News: हाथ गंवाया पर हौसला नहीं, बनाया कीर्तिमान

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निबाड़ीकला। भरथना के नगला विधी गांव के अजीत ने हाथ जरूर गंवाया लेकिन हौसला बुलंद रखा। इसका परिणाम रहा कि उन्होंने चीन में खेलते हुए जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल हासिल किया। पैरालंपिक में कास्य पदक भी जीत चुके हैं।
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किसान सुभाष चंद्र यादव के 30 वर्षीय बेटे अजीत ने बताया कि वर्ष 2017 में ट्रेन हादसे में उनका उनका बायां हाथ कट गया था। इस कमी को उन्होंने कभी आड़े नहीं आने दिया। ठीक होने के बाद उन्होंने फिर जेवलिन थ्रो की प्रैक्टिस शुरू की। वर्ष 2019 में चीन में हुई ग्रेंडप्रिक्स में उन्होंने जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता। इसी वर्ष दुबई में हुए पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2021 में टोक्यो पैरालंपिक में भी गोल्ड मेडल जीता। वर्ष 2022 में बेंगलूरू में आयोजित हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में यूपी का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीता।
नॉर्थ अफ्रीका के तुमीनिया में हुई प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता।
अजीत की इस उपलब्धि पर पूरा क्षेत्र गौरव महसूस कर रहा है। अजीत यादव इस समय ग्वालियर के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजूकेशन सेंटर से पीएचडी कर रहे हैं। पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ी अजीत सिंह की कहानी हार न मानने की दास्तां को बयां करती है। अजीत का कहना है कि मन में अगर ठान लिया जाए तो कोई भी कार्य संभव किया जा सकता। युवाओं को खेलों के प्रति रुझान बढ़ाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी वह जेवलिन थ्रो की प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसी को लेकर वह अगले महीने दक्षिण अफ्रीका भी जा सकते हैं।
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चोट के बाद वापसी की राह पर शिवम
निबाड़ीकला। ब्लॉक महेवा क्षेत्र के ग्राम खितौरा के 22 वर्षीय शिवम यादव क्रिकेट में धमक जमा रहे हैं। वर्ष 2019 में ऑपरेशन करवाने के बाद अब फिर से मैदान में अभ्यास करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पैर में चोट लगी तो लगा शायद अब नहीं खेल पाऊंगा, लेकिन परिजनों और दोस्तों ने समर्थन दिया। फिर से मैदान में आ गया। अब आगामी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
गांव की ऊसर बंजर जमीन पर खेलकर वह यूपी की अंडर-18 की 20-20 टीम के सदस्य रह चुके हैं। यूपी हीरोज टीम में शामिल होकर दुबई में खेले। वहां उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
शिवम इस समय बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उनका चयन अंडर-18 की 20-20 क्रिकेट टीम में हुआ था। तब वह कक्षा नौ में पढ़ाई कर रहे थे। इसके बाद उनका यूपी हीरोज नामक टीम में चयन हुआ और उन्हें दुबई में खेलने का मौका मिला। 2018 में कानपुर क्रिकेट लीग की ओर से खेलते हुए उन्नाव में पैर में चोट लग गई और वह टीम से बाहर हो गए थे। (संवाद)
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