इटावा। ठंड पड़ने से रबी फसल में सबसे ज्यादा खबरा आलू को है लेकिन अगर बारिश हुई तो आलू के साथ सरसों की फसल को भी नुकसान होगा। सरसों में माहूू और फफूंद लगने की आशंका है। इससे बचने के लिए किसान फफूंदनाशक और कीटनाशक का छिड़काव पहले ही कर लें।
जिले में सबसे अधिक रकबे में गेहूं, उसके बाद आलू फिर सरसों की बुआई की जाती है। पिछले करीब 15 दिन से कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा पड़ रहा है। अब मौसम विभाग ने बारिश होने की आशंका जताई है। ठंड और बारिश का कुछ फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ने की आशंका है। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि इस समय पड़ रही ठंड ओर कोहरे गेहूं फसल के लिए अनुकूल है। अगर बारिश होती है तो भी गेहूं फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। अभी ठंड और कोहरे से सरसों को भी नुकसान नहीं है। हां बूंदाबांदी और बारिश से नमी आ जाएगी। इससे सरसों में माहू के साथ फफूंद लग जाएगी। इससे बचने के लिए किसान अभी से फफूंदनाशक और कीटनाशक का छिड़काव सरसों फसल पर कर दें। चने की फसल और अन्य दलहन की फसलों को बारिश और कोहरे से कोई नुकसान नहीं है। जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि आलू के लिए कोहरा नुकसान दायक है। इस समय आलू विकसित हो रहा है। बारिश होने से खेतों में पानी भरने से आलू की पौध और आलू सडने की आशंका है। नमी के कारण फफूंद भी लग सकती है। झुलसा से बचाव के लिए डाइथेन एम 45 का छिड़काव किसानों को कर देना चाहिए। फफूंद से बचाव के लिए फफूंदनाशक का छिड़काव करें। बारिश होने पर खेत का पानी निकाल दें। सब्जियों की फसलों में भी विशेषज्ञों से राय लेकर छिड़काव करते रहेें। खेत में पानी न भरने दें।