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इटावा : 29 फीसदी कम हुई बारिश पर सूखे के आसार नहीं क्रासर

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इटावा। पूरे सीजन किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे। औसत से 29 फीसदी कम बारिश होने के कारण धान की रोपाई न सिर्फ पिछड़ी बल्कि लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ। दूसरी फसलों का रकबा भी घटा। इन सबके बाद भी कृषि विभाग के अफसरों को सूखे के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। फसलों की रोपाई और बुआई के आंकड़ों के आधार पर जो रिपोर्ट तैयार की गई है उसमें जिला हरा भरा है।
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उपनिदेशक कृषि आरएन सिंह ने बताया कि पिछले साल औसत से 65 प्रतिशत बारिश हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा 71 फीसदी का है। यानी पिछले साल की अपेक्षा इस बार छह फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। जनपद में इस साल औसत बारिश का आंकड़ा 541 मिलीमीटर का है, लेकिन अभी तक 386 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। बताया जनपद में धान की फसल भी अच्छी होने के अलावा बाजरा की फसल भी अच्छी हुई है। यदि एक दो बार बारिश और हो जाए तो फसलों के लिहाज से और ज्यादा बेहतर होगा।
सूखाग्रस्त होने के यह हैं मानक
उप निदेशक कृषि आरएन सिंह ने बताया कि इस साल 71 प्रतिशत बारिश होने से जनपद के सूखाग्रस्त घोषित होने की संभावना दिखाई नहीं पड़ती। सूखाग्रस्त घोषित के लिए फसलों का आच्छादन (बुआई- रोपाई) 50 प्रतिशत से कम होना चाहिए। जबकि, जिले में 86 प्रतिशत धान की रोपाई हुई है। इस बार 50 हजार हेक्टेयर धान की रोपाई का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 43 हजार हेक्टेयर में रोपाई हुई है। कृषि अधिकारियों के अनुसार, जनपद में 20 जुलाई के बाद अच्छी बारिश हुई है।
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