संथारा पर प्रतिबंध लगाने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार को जैन समाज के लोगों ने शांतिमार्च निकाल। जैन समाज के लोगों ने फैसले के प्रति अपना विरोध प्रकट करते हुए बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, प्रतिष्ठान भी पूरी तरह से दिनभर बंद रहे।
लालपुरा दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में चातुर्मास में विराजमान आध्यात्म योगी आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के सानिध्य में शहर की सड़कों पर जुलूस निकालकर नगर पालिका मैदान में सभा की। नगर पालिका में आयोजित सभा में चक्रेश जैन ने कहा कि जैन धर्म तप और त्याग का धर्म है।
महिला व्यापार मंडल की अध्यक्ष बेबी जैन ने कहा कि इस मामले में महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं। नारी शक्ति सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। व्यापार मंडल अध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल ने कहा कि सकल जैन समाज आज धर्म बचाओ आंदोलन में कूद पड़ा है। आस्था को चोट पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है।
भाजपा सभासद शरद बाजपेई ने कहा कि जैन समाज ही नहीं हिंदू समाज में भी समाधि की प्रथा है। साधु संतों से बड़ा कोई कोर्ट नहीं है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू ने कहा कि वे पूरी तरह से जैन समाज के साथ हैं। सपा विधायक रघुराज सिंह शाक्य ने कहा कि गुुरु जी का जैसा भी आदेेश मिलेगा वे विरोध करेंगे। अदालत के इस फैसले को लागू नहीं करना चाहिए। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।