कार में आगजनी के बाद एआरटीओ कार्यालय में सन्नाटा, 12 पर एफआईआर
इटावा। कार में आगजनी की घटना के दूसरे दिन एआरटीओ कार्यालय परिसर में सन्नाटा रहा। घटना के बाद से दलालों का जमावड़ा पूरी तरह गायब दिखा, जिससे कार्यालय के बाहर का माहौल बदला-बदला नजर आया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर एक संविदा कर्मी सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है, और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी की और सीसीटीवी कैमरों की डिटेल की देखी । पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मारपीट और कार में आग लगाने की पूरी घटना किस प्रकार घटित हुई। पीड़ित राहुल गुप्ता की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, पुलिस ने संविदा कर्मी रवि दुबे और 11 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। घटना के बाद से आरोपित संविदा कर्मी रवि दुबे कार्यालय से बिना किसी अवकाश सूचना के अनुपस्थित पाया गया है, जिससे उस पर संदेह और गहरा गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में एआरटीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें अभी तक कर्मचारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की कोई औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। कुछ लोगों का आपसी विवाद हुआ था, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने उन्हें इस घटना के बारे में सीधे तौर पर सूचित नहीं किया था।