इटावा/बसरेहर। छेड़छाड़ के शक में युवक की पिटाई के बाद मौत और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मंगलवार को नया मोड़ आ गया। मृतक के पिता ने बताया कि गैंगस्टर और उसका भाई बेटे के शव को उठा ले गए और बड़े बेटे की कनपटी पर तमंचा लगाकर शव जलवा दिया। मृतक के भाई ने पुलिस को पूरी घटना बताई है। पुलिस ने अधजला शव बरामद किया है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मामला बसरेहर थाना क्षेत्र के चकवा खुर्द गांव से जुड़ा है। गांव निवासी कन्हैया यादव उर्फ गौरव (32) खेती करता था। परिवार में पत्नी रीना देवी और तीन बच्चे शिवम (9), अन्नू (6) और अनुष्का (3) हैं। कन्हैया पत्नी और बच्चों के साथ अलग रहता था। जबकि पिता बड़े बेटे विपिन के साथ रहते थे। पिता सुखवीर ने बताया कि रविवार रात गांव के ही गैंगस्टर सौरभ यादव और उसके भाई ने कन्हैया की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद उसे घर पर छोड़ गए। कुछ देर बाद कन्हैया ने दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी जब आरोपियों को हुई तो वह फिर घर आए और कन्हैया के शव को ट्रैक्टर-ट्राली पर लाद लिया। तमंचा दिखाकर बड़े बेटे विपिन को भी साथ ले गए। सिविल लाइन थानाक्षेत्र के पिलवा मंदिर के पास स्थित घाट पर विपिन के तमंचा तान दिया। उसी के हाथों घास और कंबल डालकर शव को जलवा दिया।
मंगलवार विपिन बसरेहर थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी कहानी बताई। इसके बाद पुलिस विपिन को लेकर घाट पर पहुंची। जहां कन्हैया का अधजला शव मिला।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। मृतक की पत्नी की ओर से सौरभ यादव और गौरव यादव पर गैर इरातन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब मुकदमे में धाराएं और आरोपियों के नाम बढ़ाए जाएंगे। कन्हैया पर आरोपी सौरभ ने रिश्ते की एक किशोरी से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। थाना पुलिस के अलावा एसओजी और सर्विलांस टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है।
पांच महीने पहले ही 10 साल की सजा काटकर बाहर आया था सौरभ
इटावा। गैंगस्टर सौरभ यादव पांच महीने पहले ही 10 साल की सजा काटकर बाहर आया था। वह संगम एक्सप्रेस में डकैती डालने के मामले में दोषी पाया गया था और कोर्ट ने उसे सजा सुनाई थी। जेल से बाहर आने के बाद सौरभ ने फिर से छोटे भाई गौरव के साथ मिलकर दबंगई करनी शुरू कर दी। इसी का नतीजा रहा कि कन्हैया की जान चली गई।
कन्हैया के पिता सुखबीर सिंह यादव ने बताया कि सौरभ यादव और उसके भाई गौरव की गांव में इस कदर दहशत है कि कोई भी इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत तक नहीं करता है। यही कारण है कि घटना के बाद गांव के गिनचुने लोग ही उनके घर पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस में भी रिश्तेदार ही नजर आए। गांव के लोग नदारद थे। सुखबीर ने बताया कि कन्हैया का शव जलाकर विपिन जब घर आया तो उन लोगों ने उससे कई बार कन्हैया के बारे में पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। बहू रीना देवी की तहरीर पर पुलिस ने जब आरोपियों के घर दबिश दी तब विपिन मंगलवार सुबह थाने पहुंचा।
सुखबीर के मुताबिक, सौरभ यादव 10 साल की सजा काटकर पांच महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। इसके बाद से वह लगातर लोगों को डरा और धमका रहा था। पुलिस भी उसके खिलाफ कुछ नहीं कर रही थी। कुछ नेताओं का भी उसके ऊपर हाथ है। इसी कारण वह बेखौफ होकर घटनाएं करता था। एक बार तो उसने पूर्व प्रधान तक पर गोली जला दी थी लेकिन डर के कारण पूर्व प्रधान ने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सौरभ यादव और उसके भाई गौरव यादव के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
सौरभ की पत्नी और पड़ोस में रहने वाले युवक का आज तक नहीं लगा सुराग
सुखबीर सिंह यादव ने बताया कि सौरभ यादव की पत्नी करीब पांच साल से लापता है। पड़ोस में रहने वाला एक युवक का भी आज तक पता नहीं चल सका है। यह लोग कहां है पुलिस भी कुछ पता नहीं लगा सकी है।
वायरल दो वीडियो की भी हो रही जांच
पुलिस तक दो वीडियो भी पहुंचे हैं। यह वीडियो घटना की रात के बताए जा रहे हैं। एक वीडियो में कन्हैया का बड़ा भाई विपिन उर्फ खुशबू एक व्यक्ति से बात करते हुए दिख रहा है। इसमें वह खेल खत्म होने की बात कह रहा है। साथ ही सामने मौजूद व्यक्ति से टेंशन न लेने की बात कह रहा है। इसी वीडियो में कन्हैया के पिता भी दिख रहे हैं, जो किसी के मर जाने की बात कह रहे हैं। दूसरे वीडियो में भी विपिन किसी से बात कर रहा है। अमर उजाला इन वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वहीं, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में कर रहा था गुंडई
सौरभ यादव की क्षेत्र में धमक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके खिलाफ गैगेस्टर की कार्रवाई होने के बाद भी वह गांव में गुंडई कर रहा था। बसरेहर पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसी का नतीजा रहा कि चकवा खुर्द गांव में इतनी बड़ी घटना हो गई।
घटना ने पुलिस की सक्रियता पर भी उठाए सवाल
बसरेहर। चकवा खुर्द में पीट-पीटकर युवक की हत्या के बाद रविवार रात को ही शव को ट्रैक्टर ट्रॉली के से घटनास्थल से इटावा-बरेली नेशनल हाईवे होते हुए 30 किलोमीटर दूर यमुना नदी के घाट पर ले जाया गया। इस बीच पुलिस ने भी इन्हें कहीं नहीं रोका। ऐसे में पुलिस की सक्रियता पर सवालियां निशान लग रहे हैं। (संवाद)