बैठक में शामिल इन दोनों नेताओं की बात में भी अंतर है। शिवपाल सिंह यादव के सामने आने से अभी तक चल रहे कयास से पर्दा उठने की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी। राजनीति के जानकारों की माने तो अगर अखिलेश और शिवपाल के बीच सब कुछ ठीक हो गया होता तो शिवपाल खुद सामने आकर मन की बात रखते।
अगर उन्होंने डिंपल को समर्थन देने का फैसला किया है तो वह अपने इस निर्णय की जानकारी लोगों को खुद क्यों नहीं दे रहे हैं। आखिर क्या कारण है कि वह सामने आने से बच रहे हैं। यह स्थिति बताती है कि अभी शिवपाल के मन में कुछ न कुछ जरूर चल रहा है।
नामांकन से पहले रघुराज ने मुलायम को किया नमन
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य ने नामांकन से पहले बुधवार सुबह सैफई पहुंचकर नेता जी के अंत्येष्टि स्थल पर जाकर उन्हें नमन किया। मीडिया से बातचीत में कहा कि नेताजी हमारे गुरु हैं, वह हमारे लिए देव समान हैं। इसलिए वह आए हैं। शिवपाल पर बोले कि वह उनके राजनीतिज्ञ गुरु हैं। उनका साथ और आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है। बोले, किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह का आशीर्वाद जितना उनके बेटे अजीत सिंह को नहीं मिला, उससे कहीं ज्यादा नेताजी मुलायम सिंह यादव को मिला था। इसी कारण उन्होंने देश की सेवा की और बड़े पदों पर आसीन हुए। किसानों से लेकर हर वर्ग की सेवा की। नेताजी के आशीर्वाद से पक्की जीत भी होगी।