जसवंतनगर (इटावा)। नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के 25 हजार के इनामी को पुलिस ने शुक्रवार को जलपोखरा गांव के सामने हाईवे पर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में पुलिस की तरफ से हुए फायर में वह जख्मी हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दिल्ली मेट्रो में कार्यरत राजमिस्त्री की चार बेटियां गत सात नवंबर की शाम घर के पास एक शादी समारोह में गई थी। उसकी तीन बेटियां तो घर आ गईं थीं, लेकिन दूसरे नंबर की 9 साल की पुत्री नहीं लौटी थी। जब काफी देर बाद भी बेटी नहीं आई तो परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान पता लगा कि घर से सौ मीटर दूर मौजूद शौचालय के पास बच्ची का शव पड़ा है। उसके हाथ पैर बंधे हुए हैं और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया है।
परिजनों को किसी ने यह भी बता दिया था कि सचिन नाम के युवक ने उससे पान मसाला मंगाया था। तभी मौका देखकर सचिन उसे अपने साथ ले गया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था। बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने इटावा के घटिया अजमत अली निवासी सचिन जाटव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
शुक्रवार सुबह जसवंतनगर थाना व क्राइम ब्रांच पुलिस ने हत्यारोपी सचिन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि सचिन जाटव के बाइक से धरवार गांव की ओर जाने की सूचना मिली थी। इस पर जसवंतनगर प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार और क्राइम ब्रांच प्रभारी सतेंद्र यादव ने पुलिस बल के साथ उसे जलपोखरा गांव के सामने हाईवे पर रोकने का प्रयास किया। सचिन ने पुलिस को देखकर तमंचे से फायर कर दिया। उसकी गोली कोतवाल की सरकारी गाड़ी में लगी।
पुलिस ने जवाबी फायर किए। एक गोली सचिन के सीधे पैर में घुटने के नीचे लगी। गोली लगने पर वह बाइक से नीचे गिर गया। सूचना मिलने पर एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा, एसपी सिटी रामयश सिंह व सीओ जसवंतनगर उत्तम सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस घायल सचिन को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। फोरेंसिक टीम ने मौके साक्ष्य एकत्रित किए। मौके से पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस, दो खोखा व बाइक बरामद हुई है।
पुलिस मुठभेड़ की खबर मिलते ही आसपास क्षेत्र के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों को जब घटना की हकीकत पता हुई तो उन्होंने तालियां बजाकर अपनी खुशी भी जाहिर की।
यहां एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि बालिका से दुष्कर्म व हत्या करने के आरोपी सचिन जाटव की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई थीं। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसे पुलिस मुठभेड़ में दबोच लिया गया है। पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के इनाम से भी पुरस्कृत किया है।