ताखा। मनरेगा के तहत पांच लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों की स्वीकृति में खुलेआम कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। यह आरोप भाजपा नेता व प्रधान के पति ने सिंचाई एवं जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने लगाया। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाई और कामकाज में सुधार न होने पर निलंबन की चेतावनी दी।
बुधवार को मंत्री पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। शाम को लखनऊ लौटते समय उन्होंने बसरेहर बाईपास पर एक बंबे के कूल का निरीक्षण किया। कूल की सफाई की स्थिति देख मंत्री संतुष्ट नहीं हुए और मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश कुमार को जमकर फटकार लगाई।
बम्हनीपुर ग्राम पंचायत के प्रधान के करीबी व भाजपा नेता व प्रधान पति प्रशांत तिवारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में बंबे की सफाई मनरेगा से कराई गई थी जिसका करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान आज तक लंबित है। उन्होंने यह भी बताया कि भरथना क्षेत्र के निवर्तमान मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी की राशन की दुकान की फाइल को भी इसी तरह एक प्रतिशत कमीशन देने के बाद अनुमति मिली।
अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया राशन दुकान की स्वीकृति के लिए उन्हें कोई कमीशन नहीं दिया गया। आरोप गलत है बसरेहर कूल की सफाई में मंत्री जी संतुष्ट रहे उन्होंने गूल पर कुछ और कार्य के निर्देश दिए है जिन्हें पूरा किया जा रहा है।