इटावा। संदेशखाली में महिलाओं के शोषण का आरोप लगाकर अभाविप के कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। मंगलवार को कलक्ट्रेट में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा।
अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य तान्या मिश्रा ने कहा कि कुछ वर्षों से पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना जिले के संदेशखाली क्षेत्र की महिलाओं का शोषण किया जा रहा था। इस तरह के कृत्य से हर कोई आहत है और इसकी भर्त्सना कर रहा है। बताया कि 10 फरवरी 2024 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आनंद बोस के संदेशखाली दौरे के कारण इस शोषण की सच्चाई सामने आई थी।
आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की ओर से हिन्दुओं की नाबालिग लड़कियों व महिलाओं का भयपूर्वक अपहरण कर पार्टी कार्यालय में उन पर अत्याचार किया गया। पीड़िताओं में अधिकांश महिलाएं पिछड़े एवं अनुसूचित वर्ग की हैं। इससे तंग आकर कई परिवार संदेशखाली से पलायन करने के लिए मजबूर हैं। कई महिलाएं राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन भी कर रही हैं।
अभाविप के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कौशल किशोर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें संदेशखाली में हो रहे अत्याचार को रोकने की मांग की गई है। जिला सहसंयोजक ऐश्वर्य गुप्ता, संगठन मंत्री तरुण बाजपेई, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक पाल, ऋतिक गुप्ता, राजन बाजपेई, राहुल राजपूत, अमरनाथ दुबे आदि मौजूद रहे।