इटावा। सीआरपी जवान अभिषेक ने सुनियोजित तरीके से मनीष का अपहरण करके हत्या की है। पुलिस की जांच में पता चला है कि जालंधर बेस कैंप से छुट्टी लेकर 17 फरवरी को अभिषेक घर आया था। 18 को उसने अपने दोस्तों के साथ अपहरण करके मनीष की हत्या की और 19 को मनीष के शव को रेलवे ट्रैक किनारे फेंककर आरोपी जालंधर रवाना हो गया था।
मनीष और अभिषेक साथ में ही कई सालों से कोचिंग पढ़ रहे थे। दोनों फोर्स में भर्ती होना चाहते थे। पढ़ने के दौरान ही उनका प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था। 2025 में आई भर्ती में अभिषेक की बहन का चयन हो गया था जबकि मनीष सफल होने से रह गया था। अभिषेक को बहन के प्रेम प्रसंग के बारे में पता चल गया था। मनीष और उसकी बहन मिलते भी थे।
यह अभिषेक को अच्छा नहीं लगता था। बताते हैं कि अभिषेक ने कई बार समझाया था लेकिन दोनों मानने को राजी नहीं थे। इससे परेशान होकर अभिषेक ने हत्या की योजना बनाई थी। वह योजना के तहत ही 17 फरवरी को जिले में आया था। उसके बाद 18 को अपने दोस्त विपिन और दीपक को साथ लिया।
इसके बाद सुबह कोचिंग के लिए निकले मनीष जो अपनी साइकिल खड़ी करने के बाद का गांव के बाहर वाहन का इंतजार कर रहा था उसे लिफ्ट देने के बहाने उठाकर ले गए थे। एसएसपी ने बताया कि अपहरण में उपयोग की गई कार शास्त्री चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक की थी। इसे अभिषेक का दोस्त दीपक चलाता था और अपने साथ ही घर ले जाता था।
अपहरण के बाद आरोपी मनीष को संतोषपुर घाट में ले गए। यहां उसकी हत्या कर दी। फिर उसके शव को लेकर आरोपी घूमते रहे। 19 फरवरी को हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए बोरी में मनीष का शव करके रेलवे ट्रैक पर फेंक गए थे। शव को ठिकाने लगाने के बाद रात में ही जालंधर के लिए रवाना हो गया था।
बीएसएफ की नौकरी छोड़कर पुलिस में आई थी अभिषेक की बहन
मनीष और अभिषेक की बहन दोनों ही लंबे समय से फोर्स में जाने के लिए तैयारी कर रहे थे। बताते हैं कि अभिषेक की बहन का बीएसएफ में चयन हो गया था। करीब चार महीने नौकरी करने के बाद अभिषेक की बहन ने बीएसएफ की नौकरी छोड़कर पुलिस विभाग ज्वाइन कर लिया था। हालांकि, मनीष का चयन नहीं हो पा रहा था।
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पोस्टमार्टम में गोली मारकर हत्या की पुष्टि
एसएसपी ने बताया कि पांच डॉक्टरों के पैनल से मनीष का पोस्टमार्टम कराया है। पैनल में तीन सैफई के डॉक्टर और दो जिला अस्पताल के डॉक्टर शामिल थे। अभी तक गोली मारकर हत्या करने की बात बताई गई है।
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19 दिन पूर्व मनीष की अभिषेक की बहन से हुई थी बात
पुलिस जांच में निकलवाई गई सीडीआर में पता चला है कि मनीष की अभिषेक की बहन से अंतिम बात दो फरवरी को हुई थी। पुलिस को संदेह है कि अभिषेक के विरोध के बाद शायद फोन पर बात न होकर किसी अन्य माध्यम से बात होती है। 18 फरवरी को मनीष अपने साथ मोबाइल भी लेकर नहीं गया था। वह अपने साथ सिर्फ टेबलेट लेकर गया था। फिलहाल जांच की जा रही है।
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गुमशुदगी दर्ज होने से पहले ही कर दी थी हत्या
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मनीष के परिजनों ने 18 फरवरी को रात लगभग 08:86 मिनट पर भरथना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपियों ने इससे पहले ही मनीष की हत्या कर दी थी।