उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को कचहरी में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कार्यकत्रियों का आरोप है कि इमरजेंसी होने पर भी उन पर काम का दबाव डाला जाता है।
यहां तक कि एक कार्यकत्री के पति का निधन हो गया, इसके बाद भी उसको छुट्टी नहीं दी गई। विरोध प्रदर्शन करने के बाद ज्ञापन देने पहुंची कार्यकत्रियों और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के बीच तीखी नोंक झोंक भी हुई। कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि उनके साथ इसी प्रकार अन्याय होता रहा वे अनिश्चितकालीन घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन शुरू करेंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से स्वास्थ्य विभाग की डोर टू डोर पल्स पोलियो एवं टीकाकरण आदि की जिम्मेदारी, निर्वाचन आयोग की बीएलओ की जिम्मेदारी, समाजवादी पेंशन का सत्यापन, जनगणना का कार्य आदि तमाम कार्य कराए जा रहे हैं। कम मानदेय में काम का इतना अधिक बोझ डालने से कार्यकत्रियों में खासी नाराजगी है।
इसके विरोध में शुक्रवार को दिन में कचहरी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकत्रियों का आरोप है कि हाई ब्लड प्रेशर से बेरून कटरा साहब खां निवासी कार्यकत्री रेखा कुमारी पत्नी प्रदीप कुमार की मौत हो गई। देवकी देवी निवासी अजीतनगर ऊसरा अड्डा के पति के पति का 15 दिन पहले निधन हो गया।
इसके बाद भी उसके साथ कोई सहानुभूति नहीं बरती गई। इसी प्रकार शांती देवी पत्नी दिनेश बाबू की पित्त की थैली का आपरेशन हुआ, शकुंतला पत्नी श्रीकृष्ण निवासी कांशीराम आवास इटावा बीमार चल रही है। इसके बाद भी उनके ऊपर काम का दबाव बनाया जा रहा है।
कार्यकत्रियों ने मृतक कार्यकत्री रेखा कुमारी के आश्रितों को दस लाख मुआवजा एवं आश्रित को नौकरी देने की मांग की। बाद में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजमणि मिश्रा को मांगों से संबंदित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में रानी देवी, सावित्री देवी, नीता, रंजना, शांती देवी, सुधा तिवारी, रीता, साधना देवी, हेमलता, आरती वर्मा, नीरज पाल आदि मौजूद रहीं।