बरसात में गिरे मकान। अमर उजाला
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सैफई विकास खंड क्षेत्र के भागीपुर में गुरुवार शाम से रुक रुककर हो रही बरसात से एक दर्जन कच्चे व जर्जर मकान गिर गए हैं। मलबे में दबने से दंपति घायल हो गए, जिन्हें ग्रामीणों ने बाहर निकाला। साथ ही गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। लोगों ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ आवास दिलाए जाने की मांग की है।
गुरुवार शाम को शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह जारी रही। इसके बाद दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कच्चे व जर्जर मकानों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया। क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर सैफई क्षेत्र के गांव भागीपुरा में हुआ। यहां करीब एक दर्जन मकान गिर गए। गांव निवासी सियाराम पुत्र लाला राम का मकान अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। सियाराम व उनकी पत्नी कमरे की दीवार पर रखे छप्पर में थे, मकान का मलबा उनके ऊपर गिरने वे दब गए। गांव के लोगों ने दोनों को बाहर निकाला। इसके अलावा जयश्री राम पुत्र लालाराम, नीशू पुत्र रामदास, राम प्रकाश पुत्र सूबेदार, राजकुमार पुत्र सूबेदार, कविता पत्नी बृजेंद्र कुमार, मुन्नू पुत्र मलखान सिंह, सत्यवीर पुत्र राधेश्याम, संजू पुत्र सोनेलाल, आनंद पुत्र शोभाराम, पिंटू पुत्र सालिग्राम के मकान भी बरसात के भेंट चढ़ गए। सभी लोगों की गृहस्थी का सामान भी बर्बाद हो गया।
कविता ने बताया कि उनका मकान काफी जर्जर था। आवास दिलाने के लिए उसने कई बाद अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्हाेंने बताया कि अभी तक कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने के लिए नहीं आया है। गांव के लोगों प्रशासन से पीड़ित लोगों को आवास व आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है।
महेवा विकास खंड के ग्राम शेरपुरा के मजरा मतिरामपुरा निवासी रामसिंह कुशवाहा पुत्र का मकान कच्चा धराशायी हो गया। इस मामले की सूचना तहसील प्रशासन को भी दे दी गई है। इससे पूर्व भी महेवा विकास खंड में कच्चे मकानों का गिरने का सिलसिला जारी है। इस मामले पर ग्राम प्रधान आदेश तिवारी ने जिलाधिकारी इटावा से राजस्व लेखपाल द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराकर आर्थिक सहायता दिये जाने की मांग की है। जसवंत नगर विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला कटरा बुलाकी दास में बरसात के चलते दीपक मिश्रा का मकान भी अचानक गिर पड़ा। मकान के गिरने से उसमें रखा गृहस्थी का सामान भी दब कर बर्बाद हो गया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर मकानों के गिरने का सिलसिला बना हुआ है।