फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्मचारी से पूछा कैसे हो गब्बर, कोई समस्या तो नहीं

Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
Etawah
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। चेहरे पर शांति। कोई हड़बड़ाहट नहीं। कभी मुस्कुराहट तो कभी विकट गंभीरता। सैफई में विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कुछ इसी अंदाज में नजर आए। अफसरों और सुरक्षा गार्डों से घिरे अखिलेश यादव ने सैफई में आकर मानों मुख्यमंत्री का लबादा उतार दिया हो। कोई परिचित चेहरा दिख गया तो मुस्कराए और हाथ हिला कर अभिवादन किया। कई बार तो अपने परिचितों का नाम लेकर भी बुलाया तो हूबहू अपने पिता मुलायम सिंह की तरह नजर आए। किसी के कंधे पर हाथ रखने से भी परहेज नहीं किया। इटावा की जनता को अपने बेटे का ये अंदाज खूब भाया।
विज्ञापन

हवाई अड्डे पर प्लेन से उतरने के बाद अपने गांव की ओर चले अखिलेश यादव को जहां-तहां उनके जानने वाले मिलते गए। किसी को प्रणाम तो किसी को हाय-हेलो किया। निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी भयवश उनके सामने नहीं पड़े तो उन्होंने नाम लेकर बुलाया और अफसरों से परिचय कराया। इंडोर स्टेडियम में पानी लेकर जा रहे कर्मचारी को सुरक्षा गार्डों ने रोका तो उन्होंने तुरंत इशारा किया। कहा आने दो उसे! फिर प्रमुख सचिव आबकारी से कहा, ये हमारा सबसे पुराना कर्मचारी है। उन्होंने कर्मचारी से पूछा कैसे हो गब्बर, कोई समस्या तो नहीं! उसने कहा, साहब बेटे की नौकरी लगवा दो, उसकी शादी भी हो गई है। मुख्यमंत्री ने तत्काल पास खड़े एक अधिकारी को गब्बर की समस्या सुनने का निर्देश दिया। इसके बाद महोत्सव पंडाल में भी उन्होंने ऐसे कई लोगों से बात की। हाथ मिलाया और हालचाल पूछा। एक कर्मचारी कहता है, पूरे मुलायम सिंह हैं। इतना ही नहीं, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जब लोगों ने अपनी समस्याओं के लिए उन्हें रोकने का प्रयास किया तो सुरक्षा गार्डों को हटाते हुए बोले, सभी लोग लाइन लगा लो, एक-एक कर सबकी समस्या सुनी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें